सावधान : कहीं आपकी प्लेट का मटन, चिकन या मछली अत्यधिक दूषित तो नहीं!

सावधान : कहीं आपकी प्लेट का मटन, चिकन या मछली अत्यधिक दूषित तो नहीं!

हैदराबाद। हैदराबाद की बिरयानी की अपनी ख़ास पहचान है और इसका यहां के लज़ीज़ खानों में शुमार है। हालांकि हाल ही एक अध्ययन सामने आया है जिसमें शहर के बाजारों में उपलब्ध मटन, चिकन, बीफ और मछली बैक्टीरिया के कारण दूषित पाई गई है, जो चिंता का कारण होने के साथ इंसान के लिए हानिकारक है।

इस अध्ययन में 44 फीसदी कच्चे मांस और मछली के नमूने एन्ट्रोकाकस फिकेलीस से दूषित होने का पता चला है जो मनुष्य की मस्तिष्क की परतों (मेनिन्जाइटिस) से रक्त विषाक्तता (सेप्टीसीमिया) तक की बीमारियों का कारण बनता है। हैदराबाद में मांस विक्रेताओं द्वारा खराब संभाल इसके दूषित होने का मुख्य कारण है।

यह अध्ययन उस्मानिया विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी और प्रौद्योगिकी के कॉलेज, अमृता स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी-केरल और एसएलएस सेल केयर टेक्नोलॉजीज के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया था। इससे पता चला कि मांस अंडे की तुलना में अधिक दूषित था।

शोधकर्ताओं ने कहा कि हमने इनमें 44 फीसदी एन्ट्रोकोकस फ़ेकलिस, 40 फीसदी क्लेबिसाइला ऑक्सीटोका, 10 फीसदी ई कोलाई और 4 फीसदी स्यूडोमोनस मिर्बिलीस को देखा है।

इसमें स्टैफ़ीलोकोकस ऑरियस, स्टेफिलाकोकास एपिडर्मिडिस, साल्मोनेला प्रजाति, बोर्डेटेला, क्लेबिसाइला न्यूमोनिया, एन्ट्रोकोकस एरोजेन्स, माइक्रोकोकस प्रजातियां, सीट्रोबैक्चर प्रजातियां, प्रोटीस प्रजातियां और प्रोविडेंसिया प्रजाति जैसे अन्य हानिकारक जीवाणुओं की उपस्थिति का पता चला है।
 
शोधकर्ताओं ने कहा कि ई फसललिस मुख्य रूप से चिकन और मांस के नमूनों में पाए जाते हैं, ई कोलाई ज्यादातर बीफ़ में पाया जाता था। ई कोलाई बैक्टीरिया साल्मोनेला की प्रजातियों की तुलना में अधिक संख्या में मौजूद थी। अध्ययन के मौला अली, एएस राव नगर, मलकज्गिरी और तारनाका से 100 मांस के नमूने एकत्र किए गए थे।

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