पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के चार मरीज पाए गये!

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के चार मरीज पाए गये!

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से संक्रमित चौथे मरीज की पुष्टि होने के बाद राज्य में दहशत है। इससे आतंकित कोलकाता की दमदम सेंट्रल जेल में बंद विचाराधीन कैदियों ने शनिवार को जम कर हंगामा किया और तोड़फोड़ की।

 

कैदियों ने जेल कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उन पर पथराव कियाा। इस हिंसा के दौरान कम से एक कैदी की मौत हो गई जबकि जेलर समेत 20 लोग घायल हो गए।

 

घायलों में कुछ लोगों की हालत गंभीर होने की वजह से मृतकों की तादाद बढ़ने का अंदेशा है। रिहाई की मांग कर रहे इन कैदियों ने जेल परिसर के भीतर आग भी लगा दी।

 

उत्तेजित कैदियों पर काबू पाने के लिए पुलिस वालों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फायर ब्रिगेड के तीन इंजनों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पायाा।

 

यह देश में पहला मौका है जब कोरोना के आतंक की वजह से किसी जेल में कैदियों ने हिंसा और हंगामा किया हो। सरकार ने खुफिया विभाग को इस घटना की जांच सौंप दी है।

 

हिंसा में घायल कई लोगों को सरकारी आरजी कर अस्पताल में दाखिल कराया गया है। फिलहाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं। जेल परिसर में भारी तादाद में पुलिस वालों को तैनात कर दिया गया है।

 

प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि जेल के भीतर फायरिंग भी हुई और कम से कम चार कैदियों की मौत हो गई है। लेकिन जेल विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक पीयूष पांडे ने फायरिंग का खंडन किया है।

 

उन्होंने कहा, कैदियों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़पों में एक की मौत हो गई है। इस हिंसा में कई लोग घायल भी हुए हैंं।

 

जेल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना के आतंक की वजह से महानगर की तमाम अदालतों के बंद होने के कारण जमानत नहीं मिलने और घरवालों से मुलाकात पर 31 मार्च तक पाबंदी लगाए जाने की वजह से कैदियों में भारी नाराजगी है।

 

इसके अलावा उनको मास्क और सैनिटाइजर भी मुहैया नहीं कराया जा रहा हैै। इससे कैदियों में आतंक है कि कहीं वह भी कोरोना की चपेट में न आ जाएं।

 

फिलहाल किसी कैदी के परिवार का कोई सदस्य जेल अधिकारियों से सिर्फ फोन पर ही अपने परिजनों के स्वास्थ्य की जानकारी ले सकता है।

 

जेल मंत्री उज्ज्वल विश्वास ने बताया, “कोरोना की वजह से अदालतें 31 मार्च तक बंद हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी 31 मार्च तक काम नहीं करने का फैसला किया है।

 

इससे जमानत याचिकाओं पर सुनवाई नहीं हो रही है। ऐहतियात के तौर पर परिजनों को मुलाकात के लिए जेल परिसर के भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि कैदी खुद को रिहा किए जाने की मांग कर रहे थे। इस मामले की जांच की जा रही है। मंत्री ने बताया कि सुबह कुछ कैदियों ने तुरंत पैरोल पर रिहा किए जाने की मांग उठाई। उसके बाद वह लोग अचानक हिंसक हो उठे और उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया।

 

साभार- डी डब्ल्यू

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