जर्मनी के अखबार बिल्ड ने मुस्लिम शरणार्थियों के खिलाफ झूठी खबर छापने के लिए मांगी माफ़ी

जर्मनी के अखबार बिल्ड ने मुस्लिम शरणार्थियों के खिलाफ झूठी खबर छापने के लिए मांगी माफ़ी
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बर्लिन: जर्मन के जाने-माने दैनिक अखबार बिल्ड ने शरणार्थियों के बारे में झूठी खबर दिखाने के लिए अपने पाठकों से माफ़ी मांगी है। बिल्ड का कहना है कि फ्रैंकफर्ट के शहर में साल 2015 में नए साल के मौके पर कुछ मुस्लिम शरणार्थियों द्वारा महिलाओं पर हमला करने के बारे में झूठी खबर छापी थी। हम अपनी इस हरकत पर बहुत शर्मिंदा हैं।

यह मामला साल 2015 का है। वहां के एक रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों और मालिक ने बताया कि उन्होंने वहां कुछ शरणार्थियों के एक ग्रुप को महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और उनपर हमला करते देखा था। होटल वालों के मुताबिक़ शरणार्थियों के ग्रुप ने काफी शराब पी रखी थी। लेकिन पुलिस की जांच-पड़ताल के बाद सामने आया है कि वहां ऐसा कुछ नहीं हुआ था और जिन लोगों पर ये संगीन आरोप लगाए गए थे वह सब बेगुनाह है।

बता दें की इस घटना के बाद देश में शरणार्थियों पर काफी बुरा असर हुआ था। बाहरी लोगों का काफी विरोध किया जा रहा था और शरणार्थियों पर हमलों के मामले भी सामने आये थे।

गौरतलब है कि बाहरी लोगों का ऐसे देशों में आकर रहना और काम करना पहले से ही काफी मुश्किल भरा होता है और जब मीडिया में ऐसी झूठी खबरें सामने आएं तो उन्हें हर आदमी द्वारा शक और नफरत की नजर से देखा जाता है।

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