सोना तस्करी: केरल सीएम की इस्तीफे के लिए बीजेपी चलायेगी मुहिम!

सोना तस्करी: केरल सीएम की इस्तीफे के लिए बीजेपी चलायेगी मुहिम!

केरल में सोने की तस्करी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इकाई के नेताओं द्वारा आगामी 1 से 18 अगस्त तक भूख हड़ताल की जाएगी।

 

पत्रिका पर छपी खबर के अनुसार, इस दौरान केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन के इस्तीफे की मांग की जाएगी। यह जानकारी केरल में भाजपा इकाई द्वारा गुरुवार को एक बयान जारी कर दी गई।

 

भाजपा द्वारा जारी बयान में कहा गया है, “यह फैसला भाजपा राज्य कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन के खिलाफ आंदोलन तेज करने और हाल ही में सोने की तस्करी के मामले में उनके इस्तीफे की मांग करने के लिए लिया गया है।

 

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने 1 से 18 अगस्त तक कई स्थानों पर भूख हड़ताल करने का फैसला किया है। विधायक ओ राजगोपाल तिरुवनंतपुरम में 1 अगस्त को उपवास करेंगे तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन 18 अगस्त को भूख हड़ताल के समापन के दिन एर्नाकुलम में उपवास करेंगे।”

 

इसमें आगे कहा गया है,” केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन, कुम्मनम राजशेखरन, पीके कृष्णदास और सीके पद्मनाभन जैसे वरिष्ठ नेता अलग-अलग जिलों में उपवास करेंगे।

 

हड़ताल सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होगी। यह भी फैसला लिया गया है कि हड़ताल के साथ जिलों में आभासी रैलियों का आयोजन किया जाएगा।”

 

गौरतलब है कि केरल में हाई प्रोफाइल सोने की तस्करी के मामले में कोच्चि की विशेष एनआईए अदालत ने पिछले शुक्रवार को मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

 

मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने अदालत में कहा कि उसे हिरासत में मानसिक यातना झेलनी पड़ी थी और इसी वजह से उसने सीमा शुल्क अधिकारियों को अपना बयान दिया था।

 

बता दें कि यह मामला 14.82 करोड़ रुपये के 30 किलोग्राम सोने की तस्करी का है। जिसे राजनयिक सामान के रूप में एक खेप में तस्करी करके तिरुवनंतपुरम में सीमा शुल्क द्वारा बरामद किया गया था।

 

फिलहाल एनआईए राजनयिक चैनलों के माध्यम से राज्य में सोने की तस्करी से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही है।

 

इससे पहले एनआईए द्वारा जारी बयान में कहा गया था, “यह मामला दूसरे देश से भारत में बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी से जुड़ा है।

 

इसलिए यह देश की आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। गैरकानूनी गतिविधि (निवारक) अधिनियम, 1967 की धारा 15 के अंतर्गत यह एक आतंकी गतिविधि के समान है।”

 

एनआईए ने आगे कहा, “यह मामला राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सूत्रों से जुड़ा हुआ है।

 

प्रारंभिक पड़ताल से पता चला है कि तस्करी के सोने का इस्तेमाल भारत में आतंकवाद के वित्तपोषण में किया जा सकता है। लिहाजा एनआईए ने इस मामले को अपने हाथ में लिया है।”