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MP में अजब-गज़ब फरमान,पत्नी खुले में गई शौच तो पति सस्पेंड, एक टीचर पहले ही हो चुका है सस्पेंड

An Indian woman walks in a field after relieving herself in the open, on World Toilet Day on the outskirts of Jammu, India, Wednesday, Nov. 19, 2014. U.N. figures show of India's 1.2 billion people, 665 million, mostly those in the countryside, don't have access to a private toilet or latrine, something taken for granted in developed nations. Some villages have public bathrooms, but many women avoid using them because they are usually in a state of disrepair and because men often hang around and harass the women. (AP Photo/Channi Anand)

कुछ दिन पहले ही अक्षय कुमार की फिल्म टॉयलेट एक प्रेमकक्षा आई थी, जिसमें अक्षय की पत्नी घर में टॉयलेट नहीं होने की वजह से मायके चलीं जाती हैं । लेकिन मध्यप्रदेश में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है । जहां पत्नी के खुले में शौच जाने की सजा शिक्षक पति को मिली और उसे निलंबित कर दिया गया।

इससे पहले एक शिक्षक को भी मप्र में खुले में शौच जाने पर निलंबित किया जा चुका है। शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शासकीय प्राथमिक विद्यालय हरिजन कॉलोनी रांवासर में पदस्थ सहायक अध्यापक प्रकाश प्रजापति की पत्नी माखन बाई को स्वच्छता मिशन का उल्लंघन करते पाया गया, वह खुले में शौच गई, जिसके बाद उसके पति प्रकाश को निलंबित कर दिया गया।

जिला शिक्षाधिकारी आदित्य नारायण मिश्रा ने बुधवार को आईएएनएस से बताया कि, “जिलाधिकारी ने सभी शासकीय कर्मचारियों को स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में सहयोग के निर्देश दिए है। इस स्थिति में घर में शौचालय होने के बावजूद पत्नी बाहर शौच के लिए जाती है, जिससे यही प्रतीत होता है कि संबंधित शिक्षक अपनी पत्नी को ही जागरूक नहीं कर सका, तो वह समाज को कैसे जागरूक कर पाएगा। लिहाजा उसे निलंबित किया गया है, ताकि अन्य लोगों के लिए यह सीख बने।”

इससे पहले अशोकनगर में ही शासकीय प्राथमिक विद्यालय बुढ़ेरा के सहायक अध्यापक महेंद्र सिंह यादव को खुले में शौच जाने पर सोमवार को निलंबित कर दिया गया था । निलंबन आदेश में कहा गया कि, “शासन की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन का उल्लंघन करते हुए घर के शौचालय का उपयोग न कर ये लोग खुले में शौच के लिए गए। शासकीय कर्मचारी द्वारा शासन के निर्देषों की अवहेलना किया जाना कदाचार की श्रेणी में आता है। लिहाजा उन्हें निलंबित किया जाता है।”

‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को केंद्र सरकार ने की थी। इसे पीएम मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक कहा जाता है। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत लक्ष्य रखा गया है कि 2 अक्टूबर 2019 तक भारत को खुले में शौचा से मुक्त कर दिया जाएगा । सरकार से अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना को काफी जोर-शोर से प्रचारित भी किया है । लेकिन मध्यप्रदेश में जिस तरह के ये दो मामले आए हैं उससे एक बार फिर विवाद खड़ा हो सकता है ।

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