सरकार शरियत में छेड़छाड़ करके मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करना चाहती है: मौलाना फजलुर रहीम

सरकार शरियत में छेड़छाड़ करके मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करना चाहती है: मौलाना फजलुर रहीम

जयपूर: शहर जयपुर की प्रमुख दीनी दर्सगाह जामिया अलहिदाया में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना फजलुर रहीम मुजद्दीदी की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का एक अहम कार्यक्रम आयोजित हुआ।

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कार्यक्रम का मकसद अगले 28 फरवरी को शहर जयपुर में मुस्लिम पर्सनल लॉ के अधीन महिलाओं का शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने के बारे में गौर किया गया। कार्यक्रम में शहर जयपुर के अक्सर मस्जिदों के इमाम मदरसों के आलिमों ने भाग लेकर आपसी राय मशवरा से अगले 28 फरवरी को महिलाओं का विरोध प्रदर्शन करना तय पाया है।

बता दें कि प्रस्तावित महिलाओं के विरोध मार्च में शामिल होने वाली महिलाओं की संख्या कमसे कम 2 लाख तय की गई है, जिसकी वयवस्था आपस में लगभग तय कर दिए गए हैं। इस मौके पर अपने अध्यक्षता वाले ख़िताब में मौलाना फजलुर रहीम ने मौजूदा स्थिति और राजनितिक स्थिति को भारतीयों के लिए बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार जो हर मोर्चे पर नाकाम हो गई है।

अब वह मिल्ली मुद्दे विशेषकर मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप करके शरियत से छेड़छाड़ करते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। श्रीमान ने यह बात साफ़ तौर पर कही कि मौजूदा सरकार एक तीर से कई शिकार करना चाहती है। इस तरह तीन तलाक बिल को लागु करके भारत के मुसलमानों की आर्थिक तौर पर कमर तोड़ना चाहती है। वहीं तीन तलाक के नाम पर ही मुसलमानों के ज़रिए जेलों को भरना और मुसलमानों की सामाजिक जिंदगी को तबाह करना है।

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