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राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए सबसे बड़े गठबंधन को आमंत्रित करने का अधिकार : अरुण जेटली

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राज्यपाल द्वारा बहुमत वाले गठबंधन के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के मामले में संवैधानिक रूप से सही है। भाजपा ने गोवा और मणिपुर में बहुमत नहीं होने के बावजूद सरकार बनाने का दावा किया था।

त्रिशंकु विधानसभा में, यदि निर्वाचित विधायकों में से अधिकांश गठबंधन बनाते हैं, तो गवर्नर सरकार बनाने के लिए बहुमत वाले गठबंधन के नेता को आमंत्रित करने और अल्प अवधि के भीतर बहुमत को साबित करने के लिए संवैधानिक रूप से सही होगा।

कांग्रेस ने मणिपुर में 28 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि भाजपा ने 21 सीटें जीतीं। एनपीपी और एनपीएफ ने चार सीटें जीती हैं, जबकि एलजेपी और तृणमूल कांग्रेस ने एक सीट जीती। मणिपुर की गवर्नर नज्मा हेपतुल्ला ने कांग्रेस के मौजूदा मुख्यमंत्री ओकाराम इबोबी सिंह को इस्तीफा देने के लिए कहा, ताकि अगली सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

एन बिरेन सिंह को भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में सर्वसम्मति से निर्वाचित किया गया था और अगली सरकार बनाने का दावा करने के लिए हेपतुल्ला से मिले। भाजपा ने दावा किया कि 60 सदस्यीय असेंबली में 32 विधायकों का समर्थन मिला। गोवा में, राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने 21 विधायकों से समर्थन पत्र जमा करने के बाद पर्रिकर को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।

उधर, कांग्रेस ने अपने दावे के समर्थन में गोवा, मणिपुर, तथा मेघालय में पिछले साल हुए चुनावों के बाद भाजपा को सरकार गठन का न्योता दिए जाने की याद दिलाई और अपने दावे को मजबूती देने के लिए विपक्षी दलों ने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का वर्ष 2017 में किया गया एक ट्वीट भी सामने रखा, जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि सरकार बनाने का मौका सबसे पहले बड़े गठबंधन को दिया जाना चाहिए, सबसे बड़ी पार्टी को नहीं।

पुराने ट्वीट में भाजपा द्वारा नियुक्त किए गए गवर्नरों ने गोवा, मणिपुर तथा मेघालय में ‘सबसे बड़ी पार्टी को न्योता नहीं दिया था.’ केंद्रीय मंत्रियों ने उसका समर्थन करते हुए तर्क भी दिए थे कि हमारे पास मानने के लिए अतीत के उदाहरण मौजूद हैं।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला के वर्ष 2017 के ट्वीट दिखाए, जिनमें सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देकर कहा गया था कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के भीतर तथा बाहर भी कांग्रेस ने उस वक्त तर्क दिया था कि गोवा के राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए सबसे बड़ी पार्टी को न्योता देना चाहिए।

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