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जीएसटी काउंसिल की बैठक में कुछ सामानों को दी गयी छूट, छोटे व्यापारियों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली : जीएसटी पर अमल के तीन महीने बाद केंद्र सरकार ने इससे परेशान हर वर्ग को राहत देने के लिए कई रियायतों की घोषणा की है। इसके तहत छोटे और मझोले उद्योगों (एसएमई) के लिए कंपोजिशन स्कीम में टर्नओवर की सीमा 75 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है। अब वे जटिल औपचारिकताओं में उलझे बिना एक से पांच फीसदी का टैक्स चुकाकर चैन से धंधा कर सकते हैं।
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 22वीं बैठक में हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि सराफा कारोबारियों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के दायरे से बाहर कर दिया गया है यानी उनके लेन-देन में अनियमितता पाए जाने पर उन पर मनी लांड्रिंग कानून लागू नहीं होगा।

दिवाली से ठीक पहले सराफा कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार रुपये की खरीददारी पर पैन की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब दो लाख रुपये की खरीद पर पैन देना होगा।

काउंसिल की बैठक में एसी रेस्तरां पर 18 फीसदी के बजाय 12 फीसदी की जीएसटी दर लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। इसे लागू करने के तरीके पर विचार करने के लिए मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन कर दिया गया है जो 20 दिन में अपनी रिपोर्ट देगा। ज्वेलर्स को बड़ी राहत, 50 हजार रुपये से ज्यादा खरीददारी पर नहीं देना होगा पैन। अब दो लाख रुपये की खरीद पर दर्ज करना होगा पैन।

डेढ़ करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले छोटे एवं मझोले उद्योगों (एसएमई) को तिमाही रिटर्न भरने की छूट। निर्यातकों को छह महीने तक आईजीएसटी से रियायत। एसी रेस्तरां पर जीएसटी की दर 18 से घटाकर 12 फीसदी की जाएगी। इसे लागू करने का तरीका तय करने लिए मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन किया गया है। यह समूह 10 दिन में अपनी रिपोर्ट देगा।

यार्न, क्लिप और पिन पर जीएसटी दर 12 से घटाकर 5 फीसदी । गैस स्टोव व कई उपभोक्ता सामान 28 फीसदी के स्लैब से बाहर कुछ हैंडीक्राफ्ट आइटमों पर जीएसटी दर 12 से घटाकर पांच फीसदी

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