450 साल में पहली बार लंगर पर जीएसटी : सिख समुदाय ने की वापस लेने की मांग

450 साल में पहली बार लंगर पर जीएसटी : सिख समुदाय ने की वापस लेने की मांग
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देशभर में मौजूद सिख संगठन केंद्र सरकार द्वारा लंगर पर लगाए गए जीएसटी का कड़ा विरोध कर रहे हैं। लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी द्वारा सरकार से मांग की गई है कि सरकार जल्द ही लंगर पर लगाए गए जीएसटी के आदेश को वापस लें।

इससे पहले शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, जो कि सभी गुरुद्वारे का प्रबंधन देखते हैं और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और अन्य सिख धार्मिक स्थलों में मौजूद मुफ्त रसोईघर द्वारा लोगों में बांटे जाने वाले लंगर के लिए जीएसटी में छूट दी जाए।

लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने कहा कि गुरुद्वारों के 450 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि लंगर सेवा पर टैक्स लगाया गया है। यूपी के पूर्व मंत्री और एमएलसी बलवंत सिंह रामूवालिया ने सरकार से आग्रह किया है कि वे तत्काल प्रभाव से देश के गुरुद्वारों द्वारा दिए जाने वाले लंगर से जीएसटी हटा लें।

उन्होंने सिख धार्मिक स्थलों के मुफ्त रसोईघरों द्वारा दिए जाने वाले लंगर पर जीएसटी लगाने को अनुचित बताया है। रामूवालिया ने दावा किया है कि 31 दिसंबर, 2017 तक केंद्र द्वारा गुरुद्वारों से दो करोड़ रुपए वसूला जा चुका है।

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