GST को वर्ल्ड बैंक ने जटिल और दुनिया का दुसरा सबसे बड़ा टैक्स बताया, किए और भी खुलासे

GST को वर्ल्ड बैंक ने जटिल और दुनिया का दुसरा सबसे बड़ा टैक्स बताया, किए और भी खुलासे

क्या आप जानते हैं कि जीएसटी के नाम पर हम भारतीयों से दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा है। अब याद कीजिए, बीते साल एक जुलाई को संसद सेंट्रल हॉल में पीएम मोदी ने जीएसटी को लॉन्च करते हुए क्या कहा था? उन्होंने कहा था कि ये भारत की पेचीदा टैक्स प्रणाली का सबसे सरल रूप है।

ये नई टैक्स क्रांति है। लेकिन आज भी आम आदमी जीएसटी के बारे में कुछ नहीं जानता। अब वर्ल्ड बैंक की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का जीएसटी रेट दुनिया में दूसरे सबसे ऊंचा है।

रिपोर्ट में 115 देशों के जीएसटी की तुलना भारत से की थी। वहीं, वर्ल्ड बैंक का ये भी कहना है कि भारतीय सिस्टम ने इसे बेहद जटिल बना दिया है। 14 मार्च को ‘इंडिया डेवलपमेंट अपडेट’ की छमाही रिपोर्ट में बातें कही गई हैं।

क्या है भारत के टैक्स स्लैब की कहानी – भारत ने एक जुलाई 2017 को अमल में लाए गए जीएसटी के ढांचे में पांच स्लैब 0, 5%, 12%, 18%, and 28% बनाए हैं। सभी चीजें और सर्विस को इसी दायरे में हैं। – सरकार ने कई चीजों और सर्विस को इसके दायरे से बाहर भी रखा है। इसके अलावा कुछ पर काफी कम टैक्स लगाए गए हैं।

सोने पर 3% तो कीमती पत्थरों पर 0.25% के रेट से टैक्स लगाया है। – वहीं, एल्कोहल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट, रियल एस्टेट पर लगने वाला स्टाम्प ड्यूटी और बिजली बिल को इससे बाहर रखा गया है। पाकिस्तान और घाना जैसी हालत। 1

15 में 49 देशाें में एक टैक्स स्लैब और 28 देशों में दो स्लैब हैं। वहीं, भारत उन देशों में शामिल है, जहां पांच स्लैब हैं। – भारत के अलावा इस लिस्ट में इटली, लग्जमबर्ग, पाकिस्तान और घाना जैसे देश है।

गौर करने वाली बात ये है कि भारत को छोड़कर वर्तमान में चारों देशों की इकोनॉमी डाउन है। रिपोर्ट में बोला वर्ल्ड बैंक, भारत में टैक्स रिफंड की रफ्तार धीमी है। इसका असर पूंजी की उपलब्धता पर पड़ सकता है।

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