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गुजरात: चौथी क्लास की किताब में रोज़े को बताया ‘संक्रमण वाली बीमारी’

बीते दिनों नौवीं क्लास की हिंदी की किताब में जीसस क्राइस्ट के नाम के आगे भगवान शब्द के बजाय हैवान शब्द लगने के बाद अब गुजरात बोर्ड की किताब में एक और गलती पकड़ी गई है। इसके साथ ही एक और विवाद पैदा हो गया है।

दरअसल गुजरात स्टेट स्कूल टेक्स्टबुक बोर्ड की चौथी क्लास की हिंदी की किताब में रोजे रखने को एक संक्रामक रोग बताया गया है।

इस किताब के तीसरे पाठ में रोजे शब्द का मतलब समझाते हुए बताया गया है कि यह एक संक्रामक रोग है जिसमें दस्त और काई आती है।

जब इस मामले में जीएसएसटीबी के चेयरमैन से पूछा गया तो उन्होंने इसे प्रिंटिंग के दौरान हुई गलती करार दे दिया। उनके मुताबिक इस शब्द को रोजा नहीं हैजा होने था, लेकिन गलती से ये शब्द आपस में बदल गए होंगे।

उन्होंने कहा कि यही किताब बच्चों को साल 2015 से पढाई जा रही है। लेकिन पहले इस तरह की गड़बड़ का कोई मामला सामने नहीं आया। उन्होंने इस गलती को तुरंत ठीक कराने की बात कही।

लेकिन अहमदाबाद के एक संगठन ने बात को ऊपर तक लेकर जाने को कहा है। उस संगठन को चलाने वाले मुजाहिद नफीस ने कहा कि वह जीएसएसटीबी और राज्य सरकार के खिलाफ शिकायत करेंगे।

 

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