Sunday , December 17 2017

गुजरात का विकास मॉडल: विफलता की एक कहानी

India's Prime Minister Narendra Modi speaks to the media inside the parliament premises on the first day of the winter session in New Delhi, India, November 16, 2016. REUTERS/Adnan Abidi

हैदराबाद: 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने विकास का दावा किया था लेकिन धीरे धीरे इस विकास की धारणा ने अपना महत्व खो दिया है क्योंकि जिस विकास को बढ़ावा मिला, वो असमानता का विकास है।

वास्तविक विकास समानता के साथ साथ न्याय को भी सुनिश्चित करता है  हालांकि,  गुजरात के विकास मॉडल में प्रति व्यक्ति आय और औद्योगिक विकास में वृद्धि हुई है, लेकिन गरीबी उन्मूलन और मानव विकास जैसे सामाजिक संकेतकों में खराब प्रदर्शन किया है।

गुजरात में कई समस्याएं हैं – कृषि संकट, बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा प्रणाली, दलितों पर बढ़ते हुए हमलों, भ्रष्टाचार आदि. जैसी समस्या से निपटने में सरकार विफल साबित हुई है।

पिछले तीन विधानसभा चुनाव 2002, 2007 और 2012 मुख्यतः तीन कारकों के बीच घूमता रहा है, मोदी के जीवन व्यक्तित्व, विकास के मॉडल और अलग-अलग रूपों में हिन्दू बहुसंख्यकवाद  की तुलना।

 

 

 

TOPPOPULARRECENT