Tuesday , September 25 2018

गुलबर्गा : मौलाना सज्जाद नोमानी के खिलाफ निराधार आरोपों के विरोध में किया प्रदर्शन

पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) और भारत मुक्ति मार्चे के तत्वावधान और अखिल भारतीय इमाम काउंसिल, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) और अन्य संगठनों के समर्थन में मौलाना खलील-उर-रहमान सज्जाद नोमानी पर निराधार आरोपों के खिलाफ गुलबर्गा में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया।

यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी द्वारा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कराने के विरोध में पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) और भारत मुक्ति मार्चे के तत्वावधान में 21 मार्च को देश के 550 जिलों में वृहद प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चला।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मौलाना सज्जाद नोमानी के खिलाफ राजनीति से प्रेरित गुमराह करने वाली प्राथमिकी रद्द करने, वसीम रिजवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, देश में मुसलमानों को धमकी देने के लिए श्री श्री रविशंकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। एक अन्य मांग थी कि मदरसा प्रबंधन को वसीम रिजवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए।

गौरतलब है कि हैदराबाद में 9 फरवरी को हुई ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में भड़काऊ भाषण देने को लेकर यह एफआईआर दर्ज हुई है। नोमानी के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में यह एफआईआर 13 फरवरी को दर्ज की गई है।

इस विरोध प्रदर्शन में शेख एजाज अली, मारुति गंजगिरि, मोहम्मद मोहसिन, सिद्धाराम यल्वन्तिजी, मौलाना अतीक उर रहमान अशरफी और मौलाना अंसर पटेल के अलावा आरिफ बिन हुसैन, सईद अलीम इलाही समेत एसडीपीआई, डीडब्ल्यूसी के सदस्य और भारत मुक्ति मोर्चा, गुलबर्गा के कई नेता उपस्थित थे।

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