हसन अली फर्जी मामला : क्यों एजेंसियां मुझ पर मुकदमा चलाने से दूर भाग रही हैं?

हसन अली फर्जी मामला : क्यों एजेंसियां मुझ पर मुकदमा चलाने से दूर भाग रही हैं?

पुणे। पुणे के कारोबारी हसन अली खान पर 37,000 करोड़ रुपये के सरकारी टैक्स के कारण देश में सबसे बड़े करदाताओं में से एक होने का आरोप है। अपने कोरेगांव पार्क निवास में कई बीमारियों की वजह से ज्यादातर समय बिस्तर पर ही रहते हैं। अब खान ने जांच एजेंसियों के समक्ष त्वरित जांच सम्बन्धी एक याचिका दायर कर रहे हैं।

उन्होंने सोमवार को मुंबई में एक आवेदन पत्र जारी किया, जिसमें उनके खिलाफ मामले की त्वरित जांच का अनुरोध किया गया है जिसमें कहा गया है उनका स्वास्थ्य सही नहीं है। इस पर अदालत ने आदेश दिया है कि जांच 30 जनवरी से शुरू होगी। उनका कहना था फर्जी रिपोर्टों के आधार पर मेरे घर पर 2007 में छापा मारा गया था तो दुनिया ने मुझे सबसे बड़ा टैक्स चोर कहा था। दस साल तक कोई भी पूछ नहीं रहा है।

ये लोग अभियोजन पक्ष से क्यों दूर रहे हैं। इस बीच, खान के खिलाफ कई आरोप गिर गए हैं। मार्च 2011 में खान को गिरफ्तार कर लिया गया था और उस वर्ष मई में ईडी ने उन्हें 8 अरब डॉलर का शोधन करने का आरोप लगाया था। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक उन पर सऊदी अरब व्यापारी और अंतरराष्ट्रीय हथियारों के व्यापारी अदनान खशोगी के साथ संबंध होने का आरोप लगा था। खान को 2015 में जमानत पर रिहा किया गया था।

उनके 13 वर्षीय बेटे की स्कूली शिक्षा प्रभावित हुई है और परिवार लगभग सामाजिक बहिष्कार की स्थिति में रहता है। उनके वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि परिवार के पास वर्तमान में आय का कोई स्रोत नहीं है। मैं इस देश का नागरिक हूं न्यायपालिका पर मेरा पूर्ण विश्वास है, लेकिन मुझे जल्द न्याय मिलना चाहिए। उनके वकील पाटिल ने जानबूझकर जांच प्रक्रिया में देरी करने के लिए एजेंसियों को दोषी ठहराया।

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