दिल्ली हिंसा- सुनवाई के दौरान जजों ने कोर्ट के अंदर चलवाया कपिल मिश्रा का वीडियो

दिल्ली हिंसा- सुनवाई के दौरान जजों ने कोर्ट के अंदर चलवाया कपिल मिश्रा का वीडियो

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट जिले के कई इलाकों में हुई हिंसा को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा पर उच्च न्यायालय ने कहा कि बाहर के हालात बहुत ही खराब हैं। इसके अलावा, दिल्ली हिंसा मामले पर हाईकोर्ट में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा का बयान सुनाया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कोर्ट रूम में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा का वीडियो क्लिप चलाया। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल, डीसीपी देव और सभी वकील मौजूद रहे।

हाईकोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, डीसीपी (अपराध) से कहा कि क्या उन्होंने भाजपा नेता कपिल मिश्रा का कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण का वीडियो क्लिप देखा है? बाद में उस क्लिप को अदालत कक्ष में चलाया गया। वहीं, उच्च न्यायालय ने सॉलिसीटर जनरल से कहा कि वे पुलिस आयुक्त से भाजपा के तीन नेताओं द्वारा कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने को कहें।

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली हिंसा मामले में सुनवाई के दौरान पुलिस आयुक्त का प्रतिनिधित्व करने के मुद्दे पर सॉलिसीटर जनरल और दिल्ली सरकार के अधिवक्ता के बीच दिल्ली उच्च न्यायालय में तीखी बहस हुई। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने उच्च न्यायालय से मामले पर सुनवाई गुरुवार को करने का अनुरोध करते हुए कहा कि याचिका में जो प्रार्थना की गई है उस पर कल सुनवाई की जा सकती है।

जस्टिस एस मुरलीधर ने कहा कि  स्थिति काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि हमने सारे वीडियो देखें है, कुछ नेता सरेआम भड़काऊ बयान दिया। यह सभी चैनलों पर भी चला था। वहीं, सॉलिसिटर जनरल ने प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका में भारत संघ को पक्षकार बनाने की अदालत से अपील की और कहा कि यह मुद्दा कानून-व्यवस्था से जुड़ा है। मामले की सुनवाई 2.30 बजे होगी।

क्या है याचिका में
वकील फजल अब्दाली और नबीला हसन के जरिए दाखिल याचिका में कहा गया है कि 22 फरवरी को करीब 500 लोग जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पहुंचे, जहां पर महिलाएं सीएए के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं। इसमें आरोप लगाया गया कि 23 फरवरी को भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास सीएए के समर्थन में रैली निकाली और भड़काऊ, आपत्तिजनक बयान दिए और इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक ट्वीट भी पोस्ट किया ।

याचिका में मिश्रा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा तथा अन्य के खिलाफ अधिकारियों को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर उत्तर पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हुई हिंसा में 20 लोगों की मौत हो गयी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।
बता दें कि दिल्ली हिंसा के संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिसमें एसआईटी गठन की मांग की गई है। अब तक नॉर्थ ईस्ट दिल्ली हिंसा मामले में 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से अधिक लोग घायर हो गए हैं।

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