गोडसे को सिलेबस का हिस्सा बनाना चाहती है हिंदू महासभा, बटे आपत्तिजनक पर्चे, मामला दर्ज

गोडसे को सिलेबस का हिस्सा बनाना चाहती है हिंदू महासभा, बटे आपत्तिजनक पर्चे, मामला दर्ज

मध्य प्रदेश पुलिस ने महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पर्चा बांटने तथा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की तारीफ करने के आरोप में शनिवार को हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। इससे पहले शुक्रवार को महासभा ने गोडसे की पुण्यतिथि मनाते हुए मांग की थी कि महात्मा गांधी की हत्या के मुकदमे के दौरान अदालत में दिये गये गोडसे के बयानों को मध्य प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।

कोतवाली थाना प्रभारी विवेक अस्थाना ने बताया, “महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा गोडसे की बरसी मनाने से एक दिन पहले गुरुवार को शहर के दौलतगंज इलाके में आपत्तिजनक पर्चे बांटे गये।’’ उन्होंने कहा कि रविन्द्र सिंह चौहान की शिकायत पर नरेश बाथम और महासभा के अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ भादंवि की धारा 153-ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों या वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अस्थाना ने कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बांटे गए पर्चे में महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे गांधीवादी विचारधारा के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। ग्वालियर जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) राजा बाबू सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। गोडसे की पुण्यतिथि मनाने के लिए शुक्रवार को महासभा के कार्यक्रम के वीडियो फुटेज की पुलिस जांच कर रही है।

महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहा कि महासभा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस केस दर्ज होने के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। भारद्वाज ने कहा, ‘‘हम अदालत में अपना पक्ष रखेगें। शुक्रवार को कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम हम घरों के अंदर आयोजित करेंगे। हमारे घरों में हमें पूजा कराने का अधिकार है। प्रदेश सरकार का यह तानाशाही रवैया है।’’

गौरतलब है कि महासभा के सदस्य शुक्रवार को यहां महासभा के कार्यालय में इकठ्ठा हुए और गोडसे और नारायण आप्टे का 70 वां बलिदान दिवस मनाया। महात्मा गांधी की हत्या के अपराध में गोडसे और आप्टे को 15 नवंबर 1949 को अंबाला की जेल में फांसी की सजा दी गई थी। 15 नवंबर 2017 को हिन्दू महासभा ने ‘प्राण प्रतिष्ठा’ का अनुष्ठान करने के बाद यहां अपने कार्यालय में गोडसे की प्रतिमा को स्थापित किया था। व्यापक आक्रोश के बाद ग्वालियर जिला प्रशासन ने प्रतिमा को जब्त कर लिया था।

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