होली पर अब्दुल मलिक पर हमला : प्रत्यक्षदर्शी का दावा, टोपी पहने होने के कारण हुआ जानलेवा हमला

होली पर अब्दुल मलिक पर हमला : प्रत्यक्षदर्शी का दावा, टोपी पहने होने के कारण हुआ जानलेवा हमला
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नई दिल्ली। 2 मार्च को होली के दिन एक समूह द्वारा क्रूरता से किये गए हमले में घायल 35 वर्षीय अब्दुल मलिक की मंगलवार की शाम को मौत हो गई। मलिक के सहकर्मी जिसे पीटा गया था, ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वे टोपी पहने हुए थे। दिल्ली पुलिस के अनुसार अब्दुल मलिक पर सात लोगों के एक समूह ने हमला किया था।

आरोपियों ने मलिक और उनके सहकर्मियों पर मस्जिद जाने के समय रास्ते पर हमला किया गया था। हमले के बाद हमलावर फरार हो गए थे। हत्या के सिलसिले में पुलिस ने अब तक पांच किशोरों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा है कि सभी आरोपी नशे में थे और सड़क से गुजर रहे लोगों को थप्पड़ मार रहे थे।

हमले के शिकार मोहम्मद शहजाद ने कहा कि जब वह वहां से गुजर रहा था तो समूह ने उनके साथ चार अन्य लोगों पर हमला कर दिया क्योंकि वे टोपी पहने थे। उनका कहना था कि वे अब्दुल उनके साथ काम करता था और उस दिन सभी ने 12:30 बजे तक काम किया। हममें से कुछ नमाज जाने के लिए बहस कर रहे थे तो मलिक ने फैसला किया था कि वह भी जाएंगे।

हमले के आरोपी ने उन्हें उकसाया, उन्होंने कहा कि वे उनको सुअर का मांस खिला देंगे और फिर मुझे मारना शुरू कर दिया। मलिक कुछ मीटर दूर थे। मैं भागने में कामयाब रहा, लेकिन उन्होंने मलिक को पकड़ लिया। आरएमएल हॉस्पिटल के मुर्दाघर में एक पुलिस अधिकारी ने हालांकि कहा कि चश्मदीद ने पहले कभी ऐसा दावा नहीं किया।

दारुल निजामिया मस्जिद के महासचिव तस्लीम खान ने आरोप लगाया कि मलिक पर हमला किया गया क्योंकि वह टोपी पहने हुए थे। संपर्क करने पर डीसीपी (उत्तर-पश्चिम) असलम खान ने आरोपों से इंकार कर दिया।

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