सलमान को मिली सजा पर जफ़र सरेशवाला ने किया सवाल : इन्सान को मारने वालों की सजा क्यों नहीं मिलती

सलमान को मिली सजा पर जफ़र सरेशवाला ने किया सवाल : इन्सान को मारने वालों की सजा क्यों नहीं मिलती
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20 साल पुराने काले हिरण शिकार मामले में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को पांच साल की सजा सुनाने के बाद सलमान खान के क़रीबी और मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के चांसलर ज़फ़र सरेशवाला ने अपनी प्रतिक्रिया में अदालत के फ़ैसले पर टिप्पणी करने से इनकार किया लेकिन प्रशासन पर सवाल उठाए।

उनका कहना था कि ये वही राजस्थान है जहाँ पर गाय मारने वाले छोड़ दिये जाते हैं लेकिन हिरन मारने वाले को सजा हो जाती है। मेरा सवाल इस निर्णय पर नहीं है। सवाल यह है कि जब काले हिरण को मारने की सजा है तो इंसान को मारने की भी तो सजा है। इसांनों को सिर्फ इसीलिए मारा जा रहा है कि क्योंकि वो गाय को लेकर जाते हैं। मेरा सवाल अदालत से नहीं बल्कि प्रशासन से है।

उन्होंने कहा कि दंगे में इसांन मारे गए। हिन्दू मुस्लिम, दलित हर किस्म के इंसानो की जान जाती है क्या कभी प्रशासन से ऐसे लोगों को सजा दिलाने के लिए इस तरह की तेजी देखी गई। उनका कहना था कि लोगों के खिलाफ बीफ रखने के झूठे आरोप लगाकर उनकी हत्या कर दी जाती है लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।

राजस्थान में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब कुछ लोगों ने दिन-दहाड़े हत्या कर दी लेकिन वे खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या मानव जीवन किसी काले हिरन से नहीं गया गुजरा है? इस मामले में सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बिंद्रे को बरी कर दिया गया।

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