हैदराबाद गैंगरेप मर्डर को अंजाम देने वाले चारों आरोपों को पुलिस ने ऐसे किया एनकाउंटर!

हैदराबाद गैंगरेप मर्डर को अंजाम देने वाले चारों आरोपों को पुलिस ने ऐसे किया एनकाउंटर!

हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के चारों दोषियों को हैदराबाद पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। इन चारो आरोपियों कि हैदराबाद पुलिस के साथ शुक्रवार तडके NH-44 (घटना स्थल) पर में मुठभेड़ हुई और चारो आरोपी मौके पर ही ढेर हो गए।

हरिभूमी पर छपी खबर के अनुसार, यह घटना स्थल साइबराबाद पुलिस के अंतर्गत आता है और इसकी कमान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहे जाने वाले साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी.जे सज्जनार के हाथ में है।

घटना अनुक्रम का पुन: निर्माण समाचार एजेंसी एएनआई ने डीसीपी शमशाबाद प्रकाश रेड्डी के हवाले से बताया कि शमशाबाद में पशु चिकित्सक से बलात्कार के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की कि उन्होंने हत्या कैसे की थी, इसके लिए साइबरबाद पुलिस ने घटनाओं के अनुक्रम के पुन: निर्माण के लिए आरोपियों को अपराध स्थल पर लाये।

ऐसे किया एनकाउंटर जब आरोपियों ने कथित रूप से पुलिस पर हमला किया और मौके से भागने की कोशिश की। आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीन लिए और पुलिस पर फायरिंग की।

आत्मरक्षा में पुलिस ने गोलीबारी की, जिसमें आरोपी मारे गए। लेकिन अभी इस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच होना बाकी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह एनकाउंटर जरूरी था या नहीं।

डेढ़ साल पहले संभाली कमान बता दें कि इससे पहले तेलंगाना में एक कॉलेज गर्ल पर तेजाब फैंका गया था, विवाद बढ़ने के बाद 3 आरोपियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था।

इतना ही नहीं कमिश्नर वी.जे सज्जनार कई माओवादियों के एनकाउंटर में भी शामिल रहे हैं। डेढ़ साल पहले ही हैदराबाद में बतौर पुलिस कमिश्नर वी.जे सज्जनार ने कमान संभाली थी।

9 दिन में किया खेल शमशाबाद 27 नवंबर को महिला डॉक्टर के साथ दरंदगी कर उसे जिंदा जला दिया था। साइबराबाद पुलिस ने अपराध के 36 घंटों के भीतर 29 नवंबर को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

उन्हें 30 नवंबर को शादनगर अदालत में पेश किया गया था और उन्हें उसी दिन 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। बुधवार को अदालत ने आरोपी की सात दिन की पुलिस हिरासत मंजूर कर ली थी।

पुलिस ने उन्हें गुरुवार को हिरासत में ले लिया था और तब से उनसे पूछताछ कर रही थी। जबकि तेलंगाना सरकार ने मामले के तेजी से निपटारे के लिए महबूबनगर में एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया था, लेकिन साइबराबाद पुलिस ने सभी कोणों में मामले की जांच के लिए सात विशेष टीमों का गठन किया।

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