Monday , July 23 2018

उदित राज बोले, मेरी और बीजेपी की सोच में फर्क

देश भर के राजनीतिक नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के फैसले पर चिंता जताई है. दरअसल पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस एक्ट के जरिए कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर बीजेपी के सांसद उदित राज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं. उदित राज चाहते हैं कि सरकार इम मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दें. उदित राज इसको लेकर कुछ सांसदों और नेताओं के साथ भी बैठक करने वाले हैं.

क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस एक्ट के तहत कानून का दुरुपयोग हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी न किए जाने का आदेश दिया है. इसके अलावा इसके तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस को 7 दिन के भीतर जांच करनी चाहिए और फिर आगे एक्शन लेना चाहिए. अगर अभियुक्त सरकारी कर्मचारी है तो उसकी गिरफ़्तारी के लिए उसे नियुक्त करने वाले अधिकारी की सहमति ज़रूरी होगी. उन्हें ये लिख कर देना होगा कि उनकी गिरफ्तारी क्यों हो रही है. अगर अभियुक्त सरकारी कर्मचारी नहीं है तो गिरफ़्तारी के लिए एसएसपी की सहमति ज़रूरी होगी. इससे पहले ऐसे केस में सीधे गिरफ्तारी हो जाती थी.

क्या है उदित राज की राय?

न्यूज़ 18 से बात करते हुए उदित राज ने निराशा जताई. उन्होंने कहा “सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं है बल्कि एक जाति को लेकर पक्षपात और धोखाधड़ी भी है.” सांसद उदित राज के मुताबिक कोई भी सीनियर अधिकारी अपने जूनियर को गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं देगा. उन्होंने कहा “अगर सीनियर अधिकारी और जूनियर के बीच अच्छे संबंध हैं, तो वो गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं देगा. रिश्वत या फिर राजनीतिक हस्तक्षेप के इस्तेमाल से भी वो गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करेगा”.

उदित राज के मुताबिक एससी / एसटी एक्ट से ज्यादा दहेज विरोधी कानून का दुरुपयोग किया जाता है. उन्होंने का. ” दहेज विरोधी कानून के दुरुपयोग के चलते लगभग 64,000 पुरुषों ने आत्महत्या की. दहेज से संबंधित केस न होने के बावजूद इस कानून का अंधाधुंध इस्तेमाल किया गया.”

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