मन में राम की मूरत हो तो मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाने की हमें जरूरत नहीं: कन्हैया कुमार

मन में राम की मूरत हो तो मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाने की हमें जरूरत नहीं: कन्हैया कुमार
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पटना: देश के उभरते हुए युवा नेता व जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बिहार के जिला मधुबनी में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 23 वें राज्य सम्मेलन में शिरकत की। इस सम्मलेन में उनहोंने मंदिर मस्जिद मामले पर जमकर चर्चा किया, उनहोंने कहा कि मन में अगर राम की मूरत हो तो हमें मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाने की जरुरत नहीं है।

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खबर के मुताबिक, मधुबनी के टाउन क्लब फील्ड में युवाओं की नारेबाजी के बीच लोगों को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि जनता को आपस में बांटने का काम किया जा रहा है। इस दौरान उनहोंने कहा कि मन में अगर राम की मूरत हो तो मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाने की हमें जरूरत नहीं।

कन्हैया कुमार ने सम्मलेन में आगे कहाकि लोकतंत्र में कोई अजेय नहीं होता है। जनता का विश्वास व साथ हो तो किसी को हराया जा सकता है। यह बात उपचुनाव से साबित हो चुकी है। उन्होंने उपचुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि विपक्ष का एक मजबूत विकल्प हो, इसकी कोशिश हर किसी को करनी होगी। जनता जब संघर्ष में हो, परेशान हो तो विपक्ष का यह दायित्व है कि सड़क से लेकर संसद तक की एकता कायम करे।

वहीँ राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह की अध्यक्षता व जिला सचिव के मंच संचालन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुधाकर रेड्डी ने भी भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। उनहोंने कहा है कि चुनाव में हर घर में 15 लाख लाने का वादा करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी पूरे देश में भी इतनी राशि नहीं ला सके।

जबकि इसके विपरीत पूरे देश के अरबों रुपए अपने लोगों के मार्फत साजिश कर विदेश भेज दिया। देश के एक प्रतिशत पूंजीपतियों के पास 70 फीसदी संपत्ति है। यह सरकार केवल लोगों को बांटने का काम कर रही है। सौ दिनों में अच्छे दिन लाने का दावा करने वाले के इस शासन के एक हजार दिन बीत चुके हैं।

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