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इस्लाम शांति का मज़हब है लेकिन कुछ लोग इसे आतंकवाद से जोड़कर बदनाम करना चाहते हैं: काबा के इमाम

नौशहरा (पाकिस्तान): इमामे काबा शेख़ सालेह बिन इब्राहिम ऑले तालिब का कहना है कि इस्लाम शांति का धर्म है और इसका किसी आतंकवाद के साथ कोई संबंध नहीं। लेकिन कुछ तत्व इस्लाम की गलत व्याख्या करके आतंकवाद फैलाना चाहते हैं।

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खबर के मुताबिक़ इमाम-ए-काबा ने आगे कहा कि इस्लाम आतंकवाद से दूर रहना सिखाता है।

पाकिस्तान के नौशहरा में आयोजित जमीअत उलेमा ए इस्लाम (एफ) की सौ साला समारोह के अंतिम दिन इमामे काबा ने कहा कि आतंकवाद देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि सभी आलिम आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं, लेकिन कुछ लोग इस्लाम की गलत व्याख्या पेश करके दुनिया में आतंकवाद फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम पूरी मानवता के लिए ख़ैर का धर्म है और सभी इस्लामी देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं।

इमाम-ए-काबा ने आगे कहा कि दुनिया भर में फैले मदरसे लोगों तक दीन पहुंचा रहे हैं, जबकि उम्मते-मुस्लिमा उम्मते-रहमत है, और यह उम्मत अपने मुकद्दस जगहों की हिफाज़त करना जानती है, आज पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान पर टिकी हैं।

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