टीम इंडिया में वापसी नहीं हो पाने को लेकर इरफान पठान ने किया ख़ुलासा !

टीम इंडिया में वापसी नहीं हो पाने को लेकर इरफान पठान ने किया ख़ुलासा !

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑल राउंडर खिलाड़ी इरफान पठान ने 2012 में अपनामैच खेला था।  इस मैच में पठान ने 28 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाने के अलावा 10 ओवर में 61 रन देकर पांच विकेट लिए थे। वह ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे थे, लेकिन  इसके बाद कभी भारत के लिए नहीं खेले। इसी तरह 2012 में अपने आखिरी टेस्ट मैच में शानदार पारी खेलने और फिर डोमेस्टिक क्रिकेट में भी अच्छा परफॉर्म करने के बाद भी इरफान को नेशनल क्रिकेट टीम से बुलावा नहीं आया। टीम इंडिया में इसके बाद वापसी नहीं हो पाने को लेकर इरफान पठान ने कई बातें शेयर कीं। इस दौरान उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी पर निशाना भी साधा।

इरफान पठान ने भारत की तरफ से 29 टेस्ट, 120 वनडे और 24 टी-20 मैचों में 301 विकेट हासिल किए हैं।  वह 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे हैं। इरफान ने इसी साल जनवरी में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया।

इरफान पठान ने हाल में स्पोर्ट्स तक से बातचीत में धोनी, चयनकर्ताओं और अपने सिलेक्शन को लेकर दिल का गुबार निकाला। उन्होंने कहा कि मैंने धोनी से उस बयान को लेकर भी बात की थी, जो उन्होंने मेरी फॉर्म को लेकर किया था।

मैं अभाग्यशाली खिलाड़ियों में से एक था
उन्होंने कहा, ”मैं अपने आखिरी वनडे और टी-20 में ‘मैन ऑफ द मैच’ रहा था। मैं बॉलिंग में पहला बदलाव लेकर आया था। इसलिए भूमिका ही बदल दी गई। मुझे याद है ऋद्धिमान साहा ने एक साल तक बिना क्रिकेट खेले भारतीय टीम में जगह बनाई। साहा की अनुपस्थिति में ऋषभ पंत ने 200 रन बनाए थे, लेकिन फिर भी साहा की वापसी हुई। इसलिए कुछ खिलाड़ियों के पीछे सपोर्ट होता है, कुछ के नहीं। कुछ भाग्यशाली होते हैं और मैं अभाग्यशाली खिलाड़ियों में से एक था।”

धोनी के बयान के बाद पूछा था उनसे सवाल
उन्होंने आगे कहा, ”मैंने इस बारे में माही (महेंद्र सिंह धोनी) से भी बात की थी। मैंने उनसे उनके उस बयान को लेकर भी बात की थी, जो उन्होंने 2008 की ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान दिया था। उन्होंने कहा था कि इरफान सही बॉलिंग नहीं कर रहा है। इसलिए मैंने उनसे पूछा था कि पूरी सीरीज के दौरान मैंने सही बॉलिंग की थी इसलिए मुझे इस बात की सफाई चाहिए। आप मुझे बताइए कि मैं बेहतर होने के लिए क्या कर सकता हूं। इस पर उन्होंने कहा था कि सब ठीक चल रहा है।”

पूर्व कोच गैरी कर्स्टन से भी किए थे सवाल
उन्होंने कहा कि मुझे उस वक्त नियमित रूप से मौके नहीं दिए गए थे और ना ही कप्तान ने उन्हें कभी भरोसा देने की कोशिश की। पठान ने कहा कि उस वक्त यह कतहा जा रहा था कि पठान की स्विंग खत्म हो गई। पठान ने इस बात को लेकर उस वक्त के कोच  गैरी कर्स्टन से भ सवाल किया था। पठान ने बताया कि इस सवाल के जवाब में पूर्व कोच ने कहा था कि आप सब बढ़िया कर रहे हो, लेकिन कुछ चीजें मेरे हाथ में नही हैं।

मैच विजेता होने के बावजूद मुझे ड्रॉप किया गया
पठान ने कहा, ”मुझे याद है कि 2008 में श्रीलंका में मैच जीतने के बाद मुझे ड्रॉप कर दिया था। देश के लिए जीतने के बाद किसे ड्रॉप किया जाता है। कौन-सा मैच विनर बाहर बैठता है, लेकिन मेरे साथ ऐसा हुआ था

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