8 सिमी सदस्यों के एनकाउंटर को जांच आयोग ने ठहराया जायज, पुलिस को क्लीन चिट

8 सिमी सदस्यों के एनकाउंटर को जांच आयोग ने ठहराया जायज, पुलिस को क्लीन चिट

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ जिसमें भोपाल में आठ सिमी कार्यकर्ताओं को मुठभेड़ में मारे जाने वाली घटना की न्यायिक जांच में मध्य प्रदेश पुलिस को क्लीनचिट दे दी गई है।

इसमें हालात और परिस्थिति का हवाला देते हुए जेल ब्रेक करके भागे 8 सिमी आतंकियों के एनकांउटर को सही ठहराया है। 30 और 31 अक्टूबर 2016 के बीच मध्यरात्रि रात में भोपाल सेंट्रल जेल से भागे थे। .

उनको आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने पुलिस और नागरिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। उनका आत्मसमर्पण करने का कोई इरादा नहीं था, नतीजतन घायल हुए और मौके पर उनकी मौत हो गई।

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्री लाल सिंह आर्य ने सोमवार को एमपी विधानसभा के मानसून सत्र के उद्घाटन दिवस पर रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में जेल सुरक्षा में कमजोरियों की जांच करने और पंजाब राज्य की तर्ज पर जेल विभाग के भीतर एक प्रशिक्षण संस्थान का समर्थन करने के लिए एक समिति की स्थापना की सिफारिश की गई है।

भर्ती की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एसके पांडे की अध्यक्षता में कमीशन ने जेल विभाग के गृह मंत्रालय में विलय की सिफारिश की है। कई संगठनों ने इस मुठभेड़ को फर्जी कहा था।

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