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कर्नाटक चुनाव- हमने कांग्रेस को हराकर अपना काम पूरा किया

हैदराबाद। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में हुई वोटों की गिनती मुताबिक बीजेपी बड़ी जीत की ओर अग्रसर है। जेडी (एस), एआईएमआईएम, एमईपी, एसडीपीआई ने इन चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया है। परिणाम में स्पष्ट है कि मुस्लिम और धर्मनिरपेक्ष वोटों का विभाजन हुआ है जिससे बीजेपी दक्षिण के गढ़ कर्नाटक में सत्ता में लौटने के लिए तैयार है।

मैदान में एआईएमआईएम और अन्य लोगों की मौजूदगी बीजेपी के लिए वरदान साबित हुई है क्योंकि मुस्लिम संगठनों ने अल्पसंख्यक वोटों को विभाजित किया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने बीजेपी के सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जेडीएस, एमआईएम, आप, बीएसपी, एमईपी और 1000+ स्वतंत्र उम्मीदवारों पर भारी निवेश किया है। कर्नाटक में शुरुआती रुझानों में निश्चित रूप से यह स्पष्ट है।

भगवा पार्टी के लाभ के लिए धर्मनिरपेक्ष वोटों को विभाजित करने के लिए बीजेपी, जेडी (एस), एमआईएम और अन्य के बीच गुप्त गठबंधन की कई रिपोर्टें थीं। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने कर्नाटक में विधानसभा चुनावों में जेडीएस के लिए प्रचार किया था। उन्होंने पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा के जनता दल (सेक्युलर) का समर्थन किया।

कर्नाटक की एक बड़ी मुस्लिम आबादी है और सत्तारूढ़ कांग्रेस ने गैर-बीजेपी वोटों को मजबूत करने का प्रयास किया था। एआईएमआईएम, एमईपी, जेडी (एस), एसडीपीआई के समर्थन ने इस क्षेत्र में मुस्लिम वोटों का एक बड़ा विभाजन सुनिश्चित किया। जेडी (एस) ने मुस्लिम उम्मीदवारों को उन इलाकों में उतारा था जहां कांग्रेस उम्मीदवारों का मुकाबला करने के लिए बड़ी मुस्लिम आबादी है, जिससे बीजेपी को फायदा हुआ है।

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