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दो मुस्लिमों की दर्दनाक हत्या और फाइव स्टार होटल में ईद मिलन समारोह !

नई दिल्ली। जब राजनीतिक सम्मेलनों को व्यवस्थित करने, मंत्रियों के प्रधानमंत्री के साथ बैठक करने या विदेशी पर्यटन करने की बात आती है, तो जमीयत उल उलेमा हिंद के मौलाना अरशद मदनी और महमूद मदनी के बीच एक अव्यवस्थित प्रतिस्पर्धा होती है लेकिन कभी-कभी यह प्रतियोगिता भद्दी भी लगती है।

प्रतिष्ठित पांच सितारा होटलों में चाचा-भतीजा द्वारा हाल ही में आयोजित ईद मिलन पार्टियां ऐसे कार्यों में से हैं जिनकी विशेष रूप से सोशल मीडिया पर आलोचना की जा रही है, विशेष रूप से उनके समय और असंवेदनशीलता को लेकर।

जब हापुड (उत्तर प्रदेश) में बर्बर हत्या के बाद कासिम को जमीन पर घसीटा जा रहा था, तो हमारे मशहूर रहनुमा पांच सितारा होटलों में ईद मिलन मनाते हुए व्यस्त थे। अपने फेसबुक पोस्ट में टिप्पणी करते हुए वरिष्ठ उर्दू पत्रकार मासूम मुरादाबादी ने जमीयत के दो गुटों द्वारा आयोजित ईद मिलन पार्टियों को लेकर लिखा।

18 जून को हापुड़ में गोकशी के आरोप के बाद एक शख्स की हत्या कर दी गई। हापुड़ के पिलखुआ में गोहत्या की अफवाह फैली, जिसके बाद भीड़ ने दो लोगों को बेरहमी से पीटा, इसमें से एक कासिम की मौत हो गई जबकि अगले दिन 19 जून को तौहीद अंसारी की क्रूरता से हत्या कर दी गई थी।

झारखंड के रामगढ़ जिले में गौमांस ले जाने के लिए। इन दो घटनाओं के बाद नई दिल्ली में दोनों मदनी की जानिब से दो भव्य ईद मिलन रात्रिभोज आयोजित थे।

20 जून को दिल्ली के प्रतिष्ठित अशोक होटल में मौलाना अरशद मदनी द्वारा जबकि जून 21 जून को मौलाना महमूद मदनी द्वारा नई दिल्ली में होटल आईटीसी मौर्य में आयोजित किया गया था। तेजस्वी और अखिलेश यादव जो उम्र में मदनी के पोते की तरह हैं, उसने एक राज्यसभा सीट पाने के लिए प्रयास में हैं।

शमीम अफसर की टिप्पणी थी कि ऐसे नेताओं पर अभिशाप है जो इस तरह की दर्दनाक घटनाओं पर पीड़ितों के साथ सहानुभूति नहीं दिखाते हैं और मुसलमानों की क्रूर हत्याओं के खिलाफ विरोध करते हैं। तौफ़ीक़ की प्रतिक्रिया थी कि ‘हमारे नेता नेता नहीं हैं वे ‘कौमफरोश’ हैं, दुख की बात है कि समुदाय इस तथ्य को समझ नहीं पाया।
(साभार : Muslim Mirror)

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