अलकायदा की मदद करने वाले भारतीय इंजीनियर को अमेरिका में 27 साल की सजा

अलकायदा की मदद करने वाले भारतीय इंजीनियर को अमेरिका में 27 साल की सजा
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वॉशिंगटन. अमेरिका में आतंकी संगठन अलकायदा की मदद करने के आरोप में भारतीय इंजीनियर 39 साल के याहया फारुख मोहम्मद को आतंकियों को साजो-सामान और दूसरी मदद पहुंचाने, इन बातों को सीक्रेट रखने और हिंसा की सपोर्ट करने का दोषी पाया गया। कोर्ट ने उसे 27 साल की सजा सुनाई है। आरोपी फंडिंग के जरिए आतंकियों को मदद पहुंचाता था। इंजीनियर पर अपने केस की सुनवाई कर रहे फेडरल जज की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप है।

मोहम्मद को सजा सुनाते वक्त अमेरिकी अटॉर्नी जस्टिन हर्डमैन ने कहा, ”उसने हमारे नागरिकों, जज और ज्यूडिशरी की सुरक्षा को चुनौती दी। अब उसे जवाबदेह ठहराया जा रहा है।
मोहम्मद को इस मामले सिंतबर 2015 में अरेस्ट किया गया था। इस मामले में उसके एक भाई और दो अन्य लोगों को भी अरेस्ट किया गया था।

इन्होंने अमेरिकी नागरिक और यमन में अलकायदा के लीडर अनवर एल अवलकी को 22,000 डॉलर की रकम भेजी थी। साल 2009 में मोहम्मद और दो अन्य लोगों ने अपने हाथों से रकम की डिलिवरी के लिए यमन का दौरा किया था हालांकि, इस दौरान उनकी अनवर से मुलाकात नहीं हो पाई थी, लेकिन इन्होंने थर्ड पार्टी के जरिए उस तक पैसों की डिलिवरी करा दी थी।

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