Tuesday , December 12 2017

भाषण देते वक़्त मोदी विरोधी चीज़ों को अनदेखा कर गए त्रिपुरा के गवर्नर

त्रिपुरा के गवर्नर तथागत रॉय ने आज सदन में बजट सेशन के पहले दिन अपने भाषण में से केंद्र सरकार की आलोचना वाले भाग को पढ़ने से इंकार कर दिया। जिसपर काफी विवाद उतपन्न हुआ।

भाषण पढ़ते हुए गवर्नर ने कहा की मैने दो पन्ने पढ़ लिए हैं अब मैं 95 अनुच्छेद के बाद पढ़ता हूँ। इसपर विपक्ष के कांग्रेस के सदस्य सुदीप रॉय बर्मन ने गवर्नर से सवाल किया की आप पूरा भाषण क्यूं नहीं पढ़ रहें हैं।

इसके बाद एमएलए द्वारा सदन में शेम शेम के नारे भी लगाये गए लेकिन लेफ्ट फ्रंट के सदस्यों द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी। गवर्नर ने अपना भाषण पढ़ा और सदन को छोड़ कर चले गए।

रॉय द्वारा भाषण में छोड़ दिए गए भाग में लिखा था की देश में साम्प्रदायिक स्थिति तनावपूर्ण हैं। अल्पसंख्यक एवं दलितों पर हमले किये जा रहे हैं जिसकी वजह से देश की शान्ति और एकता भंग ही रही है।

किसानो को उनकी मेहनत का लाभकारी पैसा नहीं मिल रहा है जिसके कारण पिछले तीन साल से किसानो की आत्महत्या की संख्या बढ़ती जा रही है। नोटबंदी ने देश के 85 प्रतिशत पैसे को एक साथ बदल दिया जिसके कारण देश का व्यवसायिक लेनदेन अपाहिज़ हो गया और आम जनता को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ा।

वही सीपीआई के राज्य सेक्रेटरी बीजन धार ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा की वे सदन के सदस्य के नही है। रॉय बर्मन का कहना है की सत्ता की पार्टी द्वारा ख़ामोशी बनाये रखने ने उन्हें उत्तेजित किया।

माणिक सरकार की पार्टी मोदी के खिलाफ इसलिए नहीं बोलना चाहती है क्यूंकि केंद्र को इस सरकार के भ्र्ष्टाचार और काले धंधों की पूरी खबर है। आपको बता दें की रॉय मुस्लिम को निशाना बनाने वाले ट्वीट करने से काफ विवादित है।

रॉय के आलोचक एक संवैधानिक पोस्ट को बदनाम करने की कटू आलोचना करते हैं। 2015 में रॉय ने हिंदुत्व संस्था आरएसएस से जुड़े होने का गर्व से दिखावा किया था और कहा था की वे इस संस्था की गतिविधियों में गवर्नर के कार्यभार के समय भी हिस्सा लेते रहेंगे।

TOPPOPULARRECENT