ईरान का आरोप : आत्मघाती हमले में मारे गए हमारे 27 सैनिकों के पीछे भी पाकिस्तान का हाथ

ईरान का आरोप : आत्मघाती हमले में मारे गए हमारे 27 सैनिकों के पीछे भी पाकिस्तान का हाथ

तेहरान : ईरान में बुधवार को रेवोलुशनरी गार्ड की बस पर आत्मघाती हमला किया गया था, जिसमें 27 सैनिकों की मौत हो गई थी। ईरान का आरोप है कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। रेवोलुशनरी गार्ड मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने शनिवार को कहा, ‘हमारे देश में हुए इस आत्मघाती हमले के पीछे पाकिस्तानी सरकार और वहां के सुरक्षाबलों का हाथ है।’ इसके साथ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तानी सरकार आरोपियों को दंडित नहीं करती है, तो हम इस हमले के जवाब में सख्त कार्रवाई करेंगे। बता दें की जनरल ने इस्फहान शहर में शुक्रवार की शाम को शहीद हुए सैनिकों के लिए आयोजित विदाई समारोह के दौरान यह बात कही।

रिवॉल्यूशनरी कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने कहा कि, “पाकिस्तान की सरकार, जिसने इन आतंकियों का पनाहगाह है इस्लाम के लिए खतरा है, हमें पता है कि वे पकिस्तान से आते हैं और वे पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा समर्थित हैं।” हमले की जिम्मेदारी ईरान के खतरनाक टेररिस्ट ग्रुप ‘जैश-अल-अद्ल’ ने ली है. जैश अल-अदल का गठन 2012 में सुन्नी आतंकवादी समूह जुंदल्लाह (अल्लाह का सैनिक) के उत्तराधिकारी के रूप में किया गया था। बुधवार की बमबारी में पाकिस्तान की सीमा से लगे दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक बस पर निशाना साधा गया था । भारत द्वारा संचालित चाबहार बंदरगाह सिस्तान-बलूचिस्तान में ही स्थित है।

बता दें कि इस आतंकी संगठन को ईरान में ब्लैक लिस्ट किया गया है। ईरान का आरोप है कि इसके आतंकियों ने फिलहाल पाकिस्तान में पनाह लिया है। बता दें कि यह हमला भी जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की तरह ही किया गया था। दरअसल, ईरानी सैनिक सीमा पर गश्ती करने के बाद वापस लौट रहे थे, तभी विस्फोटक सामानों से भरी एक कार सैनिकों की बस तेजी से टकराई और धमाका हो गया। यह हमला उसी दिन हुआ, जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट और ईरान के विषय पर चर्चा करने के लिए पोलैंड में एक सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मलेन में 60 देशों ने भाग लिया, अमेरिका को इससे उम्मीद है कि तेहरान पर दबाव बढ़ेगा।

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