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रेलवे में सैलून कोच की सुविधा अब आम लोगों के लिए भी होगा उपलब्ध, जानिए, क्या है यह सैलून कोच

ट्रेन में प्राइवेसी का बात तो छोड़िए, सफर करते समय ठीक से बैठने की जगह मिल जाए तो कई लोग इसे अपनी किस्मत मानते हैं। लेकिन अब भारतीय रेलवे आपको इससे भी आगे की सुविधा देने की तैयारी में है। अब तक रेलवे के बड़े अफसर जिस सुविधा का लाभ लेते थे वो अब आम लोगों के लिए भी उपलब्ध हो चुकी है।

भारतीय रेल में सैलून कोच का आनंद अब आम लोगों के लिए भी उपलब्ध है। शुक्रवार को पहली निजी बुकिंग पर सैलून कोच जम्मू मेल से अटैच होकर दिल्ली से कटड़ा के लिए निकली।

इसमें 6 लोग सवार थे जो चार दिन की यात्रा पर निकले हैं। यह पलही चार्टर सेवा एम/एस रॉयल इंडिया ट्रेन जर्नी द्वार बुक की गई है। यह कोच एसी, बेडरूम, अटैच्ड बाथरूम, वालेट सेवा, डायनिंग एरिया, किचन जैसी सुविधाओं से युक्त है। पहले सैलून कोच केवल रेलवे अधिकारियों के लिए उपलब्ध होता था।

इस सैलून का खर्च लगभग 2 लाख रुपए है। अब तक यह कोच अधिकारियों के लिए उपलब्ध थे जिनका उपयोग वे अक्सर हादसे वाली जगह या दूर-दराज के इलाकों में जांच पर जाने के लिए इन कोच का इस्तेमाल करते हैं। देश के सभी रेलवे जोन में मौजूद सैलून को मिलाकर ऐसे कुल 336 कोच हैं जिनमें से 62 वातानुकूलित हैं।

रेलवे के सलून कोच उसके वरिष्ठ अफसरों के लिए होते हैं। वे हादसे वाली जगह या दूर-दराज के इलाकों में जांच पर जाने के लिए इन कोच का इस्तेमाल करते हैं। देश के सभी रेलवे जोन में मौजूद सलून को मिलाकर ऐसे कुल 336 कोच हैं। इनमें से 62 वातानुकूलित हैं।

एक सैलून कोच में दो बेडरूम, एर लाउंज, एक पेंट्री कार, एक टॉयलेट और एक किचन होता है। एक डिब्बे में दो परिवार सफर कर सकेंगे।

सैलून यानी रेल यात्रा के लिए राष्ट्रपति के खास कोच वाली ट्रेन। सैलून में राष्ट्रपति के दौरे का चलन 1956 में शुरू हुआ जो पिछले दस वषोर् में थम गया था। मंत्रालय एक बार फिर से इस पुरानी परंपरा को जीवंत करने के लिए प्रयासरत है।

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