बच्चों को तेज़ दिमाग बनाने के लिए इजरायल ने अपनाया यह तरीका!

बच्चों को तेज़ दिमाग बनाने के लिए इजरायल ने अपनाया यह तरीका!

इस्राएल में सोशल इंपैक्ट इन्वेस्टमेंट बढ़ता जा रहा है. कंप्यूटर शिक्षा से गणित तक में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए सोशल इंपैक्ट बॉन्ड जारी किए जा रहे हैं. निवेशकों को भी इसमें बहुत फायदा हो रहा है.
सोशल फाइनेंस इस्राएल (एसएफआई) नाम की एक संस्था ने बच्चों को गणित में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सोशल इंपैक्ट बॉन्ड जारी किए हैं.

इस प्रोग्राम का उद्देश्य राहत शहर में उच्च कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चों की गणित में रुचि जगाना है. फिलहाल इस शहर में गणित पढ़ने वाले बच्चों की संख्या महज 15 प्रतिशत है. इस संख्या में होने वाली वृद्धि पर ही इस बॉन्ड का रिटर्न निर्भर करेगा.

एसएफआई रोनाल्ड कोहेन और यारोन न्यूडोर्फर द्वारा स्थापित किया गया एक एनजीओ है जो सरकार और व्यावसायिक संस्थाओं के साथ सकारात्मक सामाजिक माहौल बनाने का काम करता है.

एसएफआई ने अब तक लगभग 85 करोड़ रुपये सोशल इंपैक्ट बॉन्ड के लिए जमा कर लिए हैं. इन्हें ‘पे फॉर सक्सेज’ प्रोजेक्ट के नाम से भी जाना जाता है.

इसके अलावा एसएफआई ने मिजरही तेफाहोत बैंक सहित सात निवेशकों से सोशल इंपैक्ट बॉन्ड के जरिए 100 करोड़ से भी ज्यादा रुपये जमा किए हैं. इन पैसों को इस्राएल का शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम की सफलता के हिसाब से निवेशकों को वापस करेगा.

साधारण बॉन्ड में जब निवेशकर्ता बॉन्ड खरीदता है तो वो उसके लिए एक निश्चित राशि का भुगतान करता है. इसके बदले उसे निश्चित समय के बाद एक निश्चित दर का रिटर्न मिलता है.

बॉन्ड जारी करने वाली संस्था निवेशक से मिले इस पैसे का निवेश अलग-अलग जगहों जैसे शेयर बाजार, जमीन खरीदने या किसी स्टार्ट अप में निवेश करने में इस्तेमाल करती है. इस निवेश से आने वाले पैसे में से अपना मुनाफा कमाने के बाद संस्था निवेशक को तय राशि वापस कर देती है.

सोशल इंपैक्ट बॉन्ड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है. सोशल रिटर्न बॉन्ड में संस्था सामाजिक सरोकार के लिए बॉन्ड जारी करती है. इस बॉन्ड में निवेश करने वाले लोगों के पैसे के मूलधन की वापसी की भी कोई गारंटी नहीं होती.

जिस सामाजिक सरोकार के लिए पैसा निवेश किया जाता है उसके परिणाम पर निर्भर करता है कि निवेशक को मूलधन भी वापस होगा या नहीं. अगर सामाजिक सरोकार का अच्छा नतीजा आता है तो मूलधन के साथ निवेशक को कुछ मुनाफा भी मिल जाता है.

साभार- डी डब्ल्यू हिन्दी

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