इस्राईल की नई साजिश- सऊदी अरब और ईरान में जंग कराने की कर रहा कोशिश

इस्राईल की नई साजिश- सऊदी अरब और ईरान में जंग कराने की कर रहा कोशिश

सऊदी अरब और ईरान की आपसी दुशमनी का इजराइल फायदा उठाने में लगा हुआ है. उसकी कोशिश अब सऊदी अरब और ईरान में युद्ध कराने की है. बता दें कि सऊदी अरब और ईरान मध्य-पूर्व की दो बड़ी शक्तियां है.

इस्राईल की इस चाल का पता इस्राईली समाचारपत्र हारेट्ज़ के संपादकीय में सामने आया है.जिसमे उसने लिखा है कि इस बात में किसी को शक नहीं होना चाहिए कि युद्ध की स्थिति में ईरान, सऊदी अरब को पराजित कर देगा.
हारेट्ज़ ने अपने एक संपादकीय लेख में सऊदी अरब के युवा युवराज द्वारा ईरान से युद्ध शुरू किए जाने को संभव बताते हुए लिखा है कि निश्चित रूप से उस लड़ाई में ईरान ही विजयी होगा. अमरीका की ओर से मिलने वाले विकसित हथियारों के बावजूद सऊदी अरब हर सैन्य पहलू से कमज़ोर है और उसके पास एक वास्तविक सेना न होने के बराबर है.
लेख में कहा गया है कि मुहम्मद बिन सलमान ने ईरान से दुश्मनी बढ़ा कर शिया व सुन्नी मुसलमानों के बीच खाई चौड़ी कर दी है. पत्र ने लिखा है कि यद्यपि कुछ सुन्नी देशों जैसे मिस्र व जाॅर्डन और इसी तरह अमरीका व इस्राईल, बिन सलमान की गतिविधियों का समर्थन कर रहे हैं लेकिन उनकी कार्यवाहियां सफल नहीं हैं और यह सवाल अपनी जगह बाक़ी है कि क्या सऊदी युवराज का रवैया, क्षेत्र में स्थिरता की स्थापना में मदद कर सकता है?
इस्राईली समाचारपत्र हारेट्ज़ ने यमन में सऊदी अरब के सैन्य हस्तक्षेप की भी आलोचना की है और लिखा है कि इससे हज़ारों लोग मारे गए और मानव त्रासदी पैदा हो गई. साथ ही सऊदी अरब, क़तर का बहिष्कार करने में भी सफल नहीं रहा बल्कि यह प्रतिबंध ख़ुद सऊदी अरब के लिए हानिकारक सिद्ध हो  रहे हैं.
लेख के एक भाग में लिखा गया हैः महिलाओं को ड्राइविंग की आज़ादी दिए जाने के बाद भी एक अधिक स्वतंत्र सऊदी अरब का जन्म नहीं होगा बल्कि मुहम्मद बिन सलमान की अतिवादी कार्यवाहियां सऊदी अरब के राजकुमारों, प्रतिष्ठित लोगों, अहम हस्तियों यहां तक कि शिया अल्प संख्यकों की ओर से प्रतिरोध का कारण बन सकती हैं

 

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