मेरे आठ साल के बच्चे की मौत में कहीं भी धार्मिक एंगल नहीं- पिता

मेरे आठ साल के बच्चे की मौत में कहीं भी धार्मिक एंगल नहीं- पिता
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दिल्ली के मालवीय नगर इलाके के एक मदरसे के बच्चे की मौत झगड़े में हो गयी। 8 साल के बच्चे की हत्या मामले में बच्चे के पिता ने इसे धार्मिक ऐंगल न देने की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘हमारा बच्चा गया है। फिर भी यही कहना चाहूंगा कि यह हिंदू-मुसलमान के बीच की लड़ाई नहीं थी। हमें नहीं पता कि कुछ लोग क्या चाहते हैं? यहां खेलते हुए बच्चों के बीच झगड़ा हुआ और मेरा बच्चा मारा गया।

पुलिस ने उन आरोपी बच्चों को पकड़ लिया है। बाकी का काम कानून करेगा।’ यह कहना है उस पिता का जिनके 8 साल के बच्चे की गुरूवार को मदरसे के पास खाली प्लॉट में कुछ नाबालिग लड़कों ने हत्या कर दी थी।

जान गंवाने वाले बच्चे के पिता ने बताया कि वह मेवात के रीठठ गांव के रहने वाले हैं। खेती कर परिवार को पालते हैं। उनके 2 और बेटे हैं, जिनकी उम्र 11 और 13 साल की है। वह भी इसी मदरसे में रहकर पढ़ रहे हैं। पिता ने बताया कि अभी तीन-चार दिन पहले ही फोन पर उनकी बच्चे से बात हुई थी। वह खुश था। उसने कभी ऐसी शिकायत नहीं की थी कि उसे कोई परेशान करता है।

उन्होंने बताया कि हादसे के बाद मदरसे से मौलाना ने उन्हें फोन किया था। उन्हें बताया गया था कि आप यहां आ जाइए, बेटे की तबीयत खराब है। जब वे पहुंचे तो पता लगा कि उनके एक बेटे को कुछ बच्चों ने मार दिया है।

वह बहुत दुखी हुए, लेकिन मामले का पता लगाया गया तो सामने आया कि यह बच्चों की आपस की लड़ाई थी। उन्होंने कहा कि वह ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं देना चाहते, जिससे की यहां किसी भी तरह का तनाव पैदा हो। जो किस्मत में था, वह हो गया। ऊपर वाला सब देख रहा है।

उनके साथ ही गांव से आए किशन चंद ने बताया कि कुछ लोग इस मसले को कुछ और रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तरह-तरह की बातें की जा रही हैं, लेकिन बच्चे की मौत के बारे में कोई कुछ नहीं बोल रहा। सब अपने हिसाब से मामले को तूल देने में लगे हुए हैं। मृतक बच्चे के दोनों बड़े भाइयों ने बताया कि आमतौर पर वह सब साथ ही होते हैं। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे जब यह घटना हुई, उस वक्त वे कहीं दावत खाने गए थे।

साभार- ‘नवभारत टाइम्स’

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