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पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने बाबरी मस्जिद और राम मंदिर मामले पर राजनितिक दलों को फटकारा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने बाबरी मस्जिद और राम मंदिर मामले पर राजनितिक दलों को फटकार लगाया है। उनहोंने कहा कि मस्जिद-मंदिर मामले को सिर्फ राजनितिक फायदे के लिए हवा दी जा रही है।

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उनहोंने मौजूदा माहौल पर हैरत व्यक्त करते हुए कहा कि जब बाबरी मस्जिद में नमाज़ रोकी गई थी तब प्रसिद्ध हिंदू नेता अक्षय ब्रह्मचारी उस वक्त के प्रधानमंत्री पं जवाहरलाल नेहरु के तीनमूर्ति हॉउस के सामने जाकर नमाज रोके जाने की विरोध की थी। भारत के सुप्रीम कोर्ट पर में हिन्दू और मुसलमान दोनों को भरोसा है, कोर्ट के फैसले का दोनों स्वागत करेंगे।

श्री कुरैशी ने कहा कि अब जो भी इस मामले में हस्तक्षेप की कोशिश कर रहा है, वह राजनितिक फायदे के लिए ऐसा कर रहा है। ये लोग वास्तव में देश को गुमराह कर रहे हैं, इन लोगों को इस मामले में कुछ भी कहने का कोई अधिकार नहीं है। उनहोंने कहा कि उसने संसद में भी कहा था कि अगर राम मंदिर का कोई सबूत है तो पेश करें और राम मंदिर का निर्माण करें।

उन्होंने नेशनल एंथेम को मुद्दा बनाने वाले लोगों पर भी जमकर हमला बोला और कहा कि जो लोग बन्दे मातरम गाने के लिए मजबूर करते हैं और गाने से इंकार करते है, दोनों ही बेवक़ूफ़ हैं। पूर्व राज्यपाल ने बताया कि वह अपने स्कूल के दिनों में राष्ट्रीय गीत गाते थे। लेकिन अगर कोई मुझे इसको गाने के लिए मजबूर करेगा तो मैं नहीं गाऊंगा। उनहोंने यह भी साफ किया कि उन्हें बन्दे मातरम में कुछ भी गैर इस्लामी नहीं लगता है।

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