Tuesday , July 17 2018

जामा मस्जिद की मरम्मत के लिए खेले जा रहे हैं राजनीतिक खेल, केन्द्र और दिल्ली में उलझ गई धरोहर!

नई दिल्ली। देश की ऐतिहासिक विरासत जामा मस्ज़िद को मरम्मत की ज़रूरत है. जामा मस्ज़िद के इमाम सैयद अहमद बुखारी ने चिट्ठी लिखकर यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया है. लेकिन विरासत को बचाने की बजाय पूरे मामले में राजनीति का खेल शुरू हो चुका है.

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ‘आप’ विधायक अलका लांबा ने आरोप लगाया कि ‘भाजपा की केंद्र सरकार जामा मस्जिद को बर्बाद करना चाहती है.’

दरअसल जामा मस्ज़िद की दीवारों में दरार पड़ने और सीवरेज की बड़ी समस्या सामने आ रही है. इस मामले में केंद्र सरकार ने पल्ला झाड़ते हुए गेंद यह कहकर दिल्ली सरकार के पाले में डाल दी कि जामा मस्ज़िद का अधिकार क्षेत्र दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के पास है.

आपको बता दें कि जामा मस्ज़िद दिल्ली की चांदनी चौक विधानसभा का हिस्सा है. आम आदमी पार्टी की चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा से जब दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड द्वारा मरम्मत की ज़िम्मेदारी लेने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस मसले पर केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया.

एक टीवी चैनल से बात करते हुए आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने कहा, ‘अधिकारों को बहुत उलझा दिया गया है. लाल किला और जामा मस्जिद मेरी विधानसभा के अंदर आता है, लेकिन मुझे बताया गया कि लाल किला ‘आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया’ का हिस्सा है और जामा मस्जिद ‘आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ दिल्ली’ का हिस्सा है.

कन्फ्यूजन इतना कि कभी कहा जाता है कि जामा मस्जिद ‘दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड’ में है तो कभी ‘दिल्ली आर्ट एंड कल्चर’ में बताया जाता है.

विधायक फंड से जामा मस्ज़िद की मरम्मत करवाने के सवाल पर ‘आप’ विधायक अलका लांबा ने बताया कि जामा मस्जिद विधायक फंड से ठीक नही हो सकता है.

विधायक फंड में सालाना 3 से 4 करोड़ मिलते हैं, जबकि जामा मस्जिद को बचाने के लिए करोड़ों रुपए की ज़रूरत होगी. साथ ही आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के मुताबिक एक मुश्किल यह भी है कि पुरानी विरासत से एक निश्चित दूरी तक खुदाई नही कर सकते हैं.

दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड का अधिकार फिलहाल केजरीवाल सरकार के पास है. वक़्फ़ बोर्ड द्वारा मरम्मत की जिम्मा न लेने के सवाल पर अलका लांबा केंद्र सरकार पर भड़क गईं उन्होंने कहा ‘केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड कहकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन केंद्रीय मंत्री बताएं कि दिल्ली सरकार ने जब वक़्फ़ बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया तो उन्हें हटाया किसने?

अमानतुल्लाह खान को झूठे केस में फंसाकर वक़्फ़ बोर्ड चेयरमैन पद से बर्खास्त कर दिया. एलजी साहब का सरकार के हर कामकाज में हस्तक्षेप से मुश्किल बढ़ गई है.

यही नहीं, केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ‘आप’ विधायक अलका लांबा ने विवादित बयान दे डाला. विधायक ने आरोप लगाया कि ‘भाजपा की केंद्र सरकार की मंशा सिर्फ एक है कि जामा मस्जिद बर्बाद हो जाए’ भाजपा की राजनीतिक सोच सब जानते हैं.

केंद्र पल्ला झाड़ रहा है, क्योंकि वह एक कम्युनिटी से जुड़ी इमारत है. जिस तरह सड़कों और रेलवे स्टेशनों का नाम बदला जा रहा है. बीजेपी की केंद्र सरकार को तो खुशी होगी, अगर जामा मस्जिद बर्बाद होती है, लेकिन हम ऐसा होने नही देंगे.’

हालांकि अलका लांबा ने दावा किया कि जामा मस्जिद की मरम्मत के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदारी लेने के लिए पूरी तरह तैयार है. विधायक ने कहा, ‘मैं एलजी साहब से मिलूंगी, मेरे पास लाल किले की तस्वीर भी मौजूद है.

TOPPOPULARRECENT