Monday , July 16 2018

भेदभाव के विरोध में जामिया के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने सोमवार की रात छात्रावास के बाहर उनके साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने छात्रावास में बेहतर सुविधाओं की मांग की तथा पुराने हॉस्टल ब्लॉक गेट को तोड़ दिया। छात्रावास के प्रोवोस्ट साइट पर पहुंचने के बाद विरोध समाप्त हुआ और काफी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद उनकी मांगों पर सहमति हुई।

छात्रों ने कहा, पिछले हफ्ते लड़कियों में से एक को 8.00 बजे के बाद बाहर खाना खाने को इजाजत नहीं थी। तीसरे वर्ष के स्नातक छात्र नसीमा चौधरी ने कहा कि इस घटना के खिलाफ हमारे विरोध से जामिया प्रशासन को एहसास हुआ है कि यह मांग वास्तविक है। दूसरे वर्ष के एमए छात्र सफ़ूरा जगरार ने कहा कि हमारे साथ लंबे समय से भेदभाव किया जा रहा है।

हमने कहा है कि जहां भी आवश्यक हो, नियमों में संशोधन के माध्यम से हॉस्टल वार्डन, प्रोवोस्ट, प्रिंसिपल और वीसी को जवाबदेह बनाया जाए। छात्राओं की मांग है कि लड़कों की तर्ज पर लड़कियों को भी रात को छात्रावास से बाहर निकलने की आजादी होनी चाहिए।

जामिया की एमए की छात्रा व प्रदर्शन में शामिल सफूरा के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन लड़के और लड़कियों में भेदभाव करता है। छात्रों को आधी रात तक हॉस्टल में आने की इजाजत है, लेकिन लड़कियों के हॉस्टल का गेट रात आठ बजे बंद कर दिया जाता है। हॉस्टल से देर शाम लेट होने पर एप्लीकेशन लिखवाने के साथ अभिभावकों को जानकारी दी जाती है।

जामिया के मीडिया समन्वयक साईमा सईद ने कहा कि हमने अपनी कई मांगों पर सिद्धांत रूप में सहमति व्यक्त की है जो सभी के लाभ को ध्यान में रखते हैं। जामिया अपने सभी छात्रों के लिए समानता में विश्वास करते हैं।

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