‘जामिया शांति का गहवारा था और हमेशा रहेगा’

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नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बाद जामिया में बदमाशों की नाकाम कोशिश और छात्र के एकता ने यह बता दिया है कि भारतीय मुसलमान अपने देश और अपने शैक्षिक संस्थानों से मोहब्बत ही नहीं बल्कि आस्था और किसी भी शख्स को उनके खिलाफ साजिश करने का मौक़ा नहीं देगा।

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मंगलवार के दिन जामिया मिल्लिया इस्लामिया में होने नारेबाजी और पोस्टरबाज़ी के खिलाफ जामिया और एएमयू के दिल्ली में रहने वाले पूर्व छात्रों ने बदमाशों को एकता के जरिये जवाब देने की तयारी कर ली है। उसी के तहत एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता इरफ़ानुल्लाह खान ने कहा कि बेशक आरएसएस मुसलमानों की शैक्षिक गुणवत्ता छीन लेना चाहता है।

और अब वह यह कोशिश कर रहा है कि किसी भी तरह उनकी दानिश्गाहों को हिन्दू मुस्लिम दंगे का केंद्र बनाया जाये, मगर ऐसा नहीं हो सकता है। इरफानुल्लाह खान ने कहा कि एएमयू के बाद हम जामिया को भी उसी आस्था की नजर से देखते हैं और यह बता देना चाहते हैं कि हर उस स्थान पर आरएसएस का मुकाबला किया जायेगा जहाँ जहाँ बदमाशी फ़ैलाने की कोशिश करेगी।

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