जम्मू-कश्मीर: हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पद से दिया इस्तीफा, मोहम्मद अशरफ होंगे नये अध्यक्ष

जम्मू-कश्मीर: हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पद से दिया इस्तीफा, मोहम्मद अशरफ होंगे नये अध्यक्ष

कश्मीर में हुर्रियत के बड़े लीडर सैयद शाह गिलानी ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत की कमान मोहम्मद अशरफ सेहराई के हाथों में सौंपी गई हैं। उन्हें हुर्रियत का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, सैयल अली शाह गिलानी ने स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से हुर्रियरत के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। अभी गिलानी की उम्र 89 साल है तो वहीं हुर्रियत के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ शेहराई को 79 साल की उम्र में संगठन की कमान सौंपी गई है।

सैयल अली शाह गिलानी पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद से ही लगातार 15 साल तक अध्यक्ष पद पर रहे। तहरीक- ए- हुर्रियत का गठन 2003 के बाद हुआ था, जब हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का विभाजन हुआ था। गिलानी को हमेशा से ही विवादों में रहना अच्छी तरह से आता था।

घाटी में अलगाववाद की राजनीति करने वाले गिलानी कई बार देशद्रोह के आरोपों से भी घिर चुके हैं। हर कोई जानता है कि वो कश्मीर में लंबे समय से अलगाववाद की आग को बढ़ावा दे रहे हैं। इतना ही इस काम के लिए उन्हें पड़ोसी देश पाकिस्तान से आर्थिक मदद मुहैया होने की भी बातें सामने आती रही हैं।

हुर्रियत में गिलानी की जगह लेने वाले मोहम्मद अशरफ शेहराई संगठन के काफी पुराने नेता हैं। उन्हें गिलानी के बेहद करीबी नेताओं में माना जाता है।

अशरफ को पार्टी के एडवाइजरी बोर्ड (मजलिस ए शोरा) में लिए गए फैसले के बाद चुना गया है। अशरफ शेहराई उत्तरी कश्मीर के लोलाब इलाके के टिक्कीपोरा के रहने वाले हैं। शेहराई भी गिलानी की तरह ही हार्डलाइनर माने जाते हैं।

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