Thursday , December 14 2017

JDU के चार बागियों की विधायकी बहाल

पटना हाइकोर्ट के बेंच ने बिहार एसेम्बली सदर उदय नारायण चौधरी के फैसले को मुस्तर्द करते हुए जदयू के चार बागी एमएलए की एसेम्बली की रुक़्नियत फिर से बहाल कर दी है। ये एमएलए हैं ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू (बाढ़), नीरज कुमार सिंह बबलू (छाताप

पटना हाइकोर्ट के बेंच ने बिहार एसेम्बली सदर उदय नारायण चौधरी के फैसले को मुस्तर्द करते हुए जदयू के चार बागी एमएलए की एसेम्बली की रुक़्नियत फिर से बहाल कर दी है। ये एमएलए हैं ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू (बाढ़), नीरज कुमार सिंह बबलू (छातापुर), राहुल शर्मा (घोसी) और रवींद्र राय (महुआ)। मंगल को जज ज्योति शरण ने यह फैसला सुनाया। हाइकोर्ट ने कहा कि चारों एमएलए की रुक़्नियत मंसूख करने के लिए स्पीकर ने जो बुनियाद बताये थे, वे सही नहीं थे। हाइकोर्ट ने एक नवंबर, 2014 को रुक़्नियत मंसूख करने के स्पीकर के फैसले को मुस्तर्द करते हुए चारों एमएलए की रुक़्नियत फिर से बहाल करने के साथ सारी सहूलतें जल्द मुहैया कराने की हिदायत भी दिया है।

हाइकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि राज्यसभा जीमनी इंतिख़ाब में चारों एमएलए ने पार्टी मुखालिफत काम नहीं किया था। चारों एमएलए को हटाने में जिस 10वीं फेहरिस्त का जिक्र किया गया था, उसमें दल-बदल होता, तो यह मंजूर होता, लेकिन इन चारों मेंबरों ने दल-बदल नहीं किया था। इसलिए इसे 10वीं अनुसूची का खिलाफवर्जी नहीं माना जायेगा। इसमें दफा 14 का भी खिलाफवर्जी नहीं हुआ है।
इन मेंबरों ने कोई फाइदा पाने के लिए यह काम नहीं किया था, इसलिए एमएलए पर एंटी डिफेक्शन लॉ लागू नहीं होता है।

TOPPOPULARRECENT