12वीं फेल मुहम्मद रियासत ने बनाया फाइटर जेट, हर तरफ़ हो रही तारीफ़

12वीं फेल मुहम्मद रियासत ने बनाया फाइटर जेट, हर तरफ़ हो रही तारीफ़
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फ़ोटो- टेलीग्राफ

आसमान  में उड़ने की चाहत लिए एक मैकेनिक परिवार में पैदा होने वाले मुहम्मद रियासत अली ने लीक से अलग हटकर कुछ करने की ठानी. गरीब परिवार से ताल्लूक रखने वाले मुहम्मद रियासत अली भले जेब से फकीर हों, लेकिन हुनर और हौसले के धनी इंसान हैं. पिता की साया सिर से उठने के बाद भी इन्होंने जिन्दगी से हार नहीं मानी.

द टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक झारखंड के धनबाद जिले के रहने  वाले रियासत को साल 2011 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में फेल होने और घर की माली हालत खराब होने के कारण पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी. वैसे रियासत की ख्वाहिश इंजीनियर बनकर देश की सेवा करने की थी, लेकिन पढ़ाई छूटने के बाद इनको अपना ख्वाब टूटता हुआ नजर आने लगा.

लेकिन बेमिसाल हौसले के धनी रियासत ने अपनी जिद नहीं छोड़ी. वो पिता के इलेक्टॉनिक शॉप में रोज नए-नए रिसर्च करने लगे. उसी लगन और जुनून की देन है कि 8 सालों के बाद उनकी मेहनत रंग लाई और रियासत ने फाइटर जेट की डमी बना डाली. डमी फाइटर प्लेन बनाने वाले रियासत वैसे तो अपनी कोशिश से खुश हैं, लेकिन उनकी ख्वाहिश देश के लिए फाइटर प्लेन बनाने की है. जिसके लिए वो लगातार काम कर रहे हैं. रियासत ने थर्माकोल और अपने हाथों से बनी मोटर के जरिये पानी का जहाज और जेट विमान का मॉडल तैयार किया है.

इनका डमी जेट आसमान में 100 किमी/घंटे की रफ्तार से 700 फिट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है. रियासत अली दिवंगत राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की तरह मिसाइल मैन बनना चाहते हैं और उन्हें अपना आदर्श मानते हैं. वही रियासत  मुस्कुराते हुए कहते हैं  मुझे टीवी पर लड़ाकू विमानों को देखना पसंद था। मैंने सोचा, मुझे खुद इसको बनाने की कोशिश करनी चाहिए। आगे बात करते हुए उन्होंने कहा  मैं भारत के लिए एक लड़ाकू विमान विकसित करना चाहता हूं,”

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