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झारखण्ड: आधार लिंक नहीं तो, नहीं दी राशन, बच्ची ने भूख से तड़प कर तोड़ा दम

रांची: झारखंड के सिमडेगा से एक बेहद आश्चर्यजनक खबर सामने आई है, जहां 8 दिनों से भूखी एक 11 वर्षीय लड़की ने दम तोड़ दिया। राशन कार्ड का आधार कार्ड से लिंक नहीं होने के कारण डीलर ने नहीं दिया था अनाज।

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बताया जाता है कि स्थानीय राशन डीलर ने महीने भर पहले ही इसका राशन कार्ड रद्द कर दिया था, और अनाज देने से इंकार कर दिया था। राशन डीलर का कहना है कि चूंकि उसका राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं है, इसलिए वह राशन नहीं दे सकते।

यह मामला जब प्रकाश में आया तब खाद्य मंत्री इसकी जांच की बात कर रहे हैं। लेकिन जहां एक तरफ बीजेपी की सरकार डिजिटल भारत की जाप लगाते फिरते हैं, वहीँ दूसरी तरफ भूख से बच्चे दम तोड़ रही है।

उल्लेखनीय है कि लड़की का नाम संतोषशी कामारी था और उसने आठ दिनों से कुछ भी नहीं खाया था। उनकी मां ने बताया कि दुर्गा पूजा की वजह से स्कूल बंद थी, जिसकी वजह से उनकी बेटी को मिडडे मील भी नहीं मिल सका, और मेरी बेटी भात (चावल) मांगते मांगते ही दम तोड़ गई।
संतोषी जलडिगा सेक्शन की पतिअम्बा पंचायत करिमती गाँव की रहने वाली थी। बीपीएल रेखा से नीचे जीवन गज़ारने वाली संतोषी परिवारों में से किसी के पास भी नौकरी नहीं है, और न ही स्थायी आय का कोई साधन है, जिसकी वजह से पूरा परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाली सरकारी राशन पर पर ही निर्भर है।

संतोषी के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं, जबकि उनकी मां और बहन दोनों रोजाना 90 रुपये तक कमाई करते हैं। बहुत दिक्कत से किसी प्रकार घर का खर्चा चल पा रहा है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से किसी ने भी कुछ नहीं खाया था।

बता दें कि जब राइट टू फूड कैंपेन के सदस्य और मंरेगा वाच इसकी जांच की तो पता चला कि सरकारी राशन दुकानदार ने आधार कार्ड लिंक नहीं होने से संतोषी कि मां कैला देवी और 10 अन्य लोगों के नामों को राशन पाने वाली लिस्ट हटा दिया था।

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