Tuesday , September 25 2018

झारखंड कांड पर मानवाधिकार की फटकार, कहा- सभ्य समाज में ऐसी हत्याएँ नहीं होतीं

नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बच्चा चोर होने के संदेह में झारखंड में भीड़ द्वारा सात व्यक्तियों की कथित तौर पर पीट पीटकर हत्या करने की घटना के बारे में मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर उनसे चार हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।

आयोग ने यहां एक वक्तव्य में कहा कि एक सभ्य समाज में ऐसे घृणित अपराध करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है, जिसमें गुस्साई भीड़ असामाजिक तत्व होने का केवल संदेह होने पर लोगों की जान ले लेती है।

उसने कहा कि यह बेगुनाह लोगों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन करने के समान है। राज्य की कानून लागू करने वाली एजेंसियां अपने दायित्व को निभाने में नाकाम हुई हैं। आयोग ने घटना पर गहरी चिंता जताई है।

मरने वाले सात लोगों में से चार सरायकेला खरसावां जिले के थे और तीन पूर्वी सिंहभूम जिले के नागाडीह इलाके के थे। मानवाधिकार आयोग ने कहा, आयोग इस तरह की घटनाएं भविष्य में नहीं हों, इसके लिए उठाए गए एहतियाती कदम या प्रस्तावित कदम की जानकारी भी चाहता है।

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