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JNU छात्र संघ चुनाव में ABVP को मुंह की खानी पड़ी, चारों सीट पर लेफ्ट का कब्जा

 

JNU चुनाव में ABVP को मुंह की खानी पड़ी, चारों सीट पर लेफ्ट का
कब्जा

नयी  दिल्ली : लेफ्ट गठबंधन के आगे जेएनयू के छात्र संघ चुनावों में  आरएसएस की छात्र शाखा एबीवीपी बुरी तरह धराशाही हो गई। वाम एकता के आगे उसकी एक नहीं चली और छात्र संघ की चरों सीटें उसके हाथ से निकल गई। एबीवीपी को बड़े अन्तर से हार का सामना करना पड़ा।
एबीवीपी,  जेएनयू में लगे कथित देश विरोधी नारे का नाम लेकर छात्र संघ चुनाव में कुछ बड़ा करने की फीरक् में थी, पर वाम संबद्ध समूहों ने  एबीवीपी की पूरी योजना में ही पलीता लगा दिया। चरों महत्वपूर्ण सीटें जीत लीं। पहली बार भाकपा ( माले) की छात्र शाखा आइसा ने माकपा की एसएफआई के साथ गठबंधन किया । इस गठबंधन ने काउंसलर की भी 31 में से 30 सीटों पर जीत हासिल की। एबीवीपी को केवल संस्कृत विभाग में काउंसलर की एकमात्र सीट मिली। वाम-एकता गठबंधन के मोहित पांडेय को जेएनयूएसयू का अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने बीएपीएसए के राहुल सोनपिम्पले को 409 मतों के अंतर से हराया। अमल पिपली, सतपूर्ता चक्रवर्ती और ताबरेज हुसैन क्रमश: उपाध्यक्ष, महासचिव एवं संयुक्त सचिव चुने गए। चुनाव में केंद्रीय पैनल के लिए 18 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे जबकि काउंसलर पद के लिए 79 उम्मीदवार। कन्हैया ने ट्वीट कर मोहित को बधाई दी है। जेएनयू छात्र संघ पर वर्षों से वामपंथी संगठनों का प्रभाव रहा है और पिछले वर्ष आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी को एक सीट हासिल हुई थी।

मलिक असग़र हाशमी

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