इस बार कंपनी पर उसके उस प्रोडक्ट को लेकर भारी जुर्माना लगा है जिसके बारे में एक शाख्स का आरोप है कि उक्त दवा के इस्तेमाल से उसके ब्रेस्ट उभर गए
अपने प्रोडक्ट्स को लेकर विवादों में रही अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन फिर मुश्किलों में घिर गई है। इस बार कंपनी पर उसके उस प्रोडक्ट को लेकर भारी जुर्माना लगा है जिसके बारे में एक शाख्स का आरोप है कि उक्त दवा के इस्तेमाल से उसके ब्रेस्ट उभर गए।
A jury said that Johnson & Johnson must pay $8 billion in punitive damages to a man who says a drug manufactured by the company caused him to grow breasts.https://t.co/8LskqbVhHz pic.twitter.com/f832mXtr0E
— Forbes Health (@forbeshealth) October 9, 2019
जागरण डॉट कॉम के अनुसार, शिकायत में यह भी कहा गया है कि कंपनी की ओर से इस बारे में पहले आगाह नहीं किया गया था। इस शिकायत पर फिलाडेल्फिया की ज्यूरी ने कंपनी पर आठ बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
Johnson & Johnson said the award was grossly disproportionate. https://t.co/xp9ZTNw3Fv
— IndiaToday (@IndiaToday) October 9, 2019
समाचार एजेंसी के मुताबिक, फिलाडेल्फिया की एक कोर्ट ने जॉनसन एंड जॉनसन को आरोपों को झूठा साबित करने का समय दिया लेकिन वह ऐसा करने में विफल रही जिसके बाद याचिका दायर करने वाले शख्स के पक्ष में फैसला सुनाया गया।
Jury says Johnson & Johnson must pay $8 billion in case over male breast growth
Read | https://t.co/zHfDxis8rv pic.twitter.com/P9SJYCIbaP
— The Indian Express (@IndianExpress) October 9, 2019
वहीं जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा कि मामले में उसकी ओर से पेश किए गए सबूतों को नहीं सुना गया। कंपनी पर जो जुर्माना लगाया गया है वह असम्मानजनक है। कंपनी इस केस में फिर से उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगी।
बता दें कि जॉनसन एंड जॉनसन के प्रोडक्ट्स पूरी दुनिया में इस्तेमाल किए जाते हैं। खासतौर पर बच्चों से जुड़े प्रोडक्ट्स के लिए यह चर्चित कंपनी है।
A man who grew breasts after taking an autism drug has been given £6billion in damages 😲 https://t.co/cpkoO2yx46
— The Sun (@TheSun) October 9, 2019
बता दें कि इससे पहले नशीली दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े ओपॉयड संकट मामले में कंपनी पर करीब 4,100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
अमेरिका के ओकलाहोमा राज्य की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। अपने फैसले में अदालत ने कहा था कि जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने फायदे के लिए डॉक्टरों को नशीली दर्दनिवारक दवाएं लिखने के लिए मनाया।