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न्यायमूर्ति चेलमेश्वर सात साल सेवा देने के बाद सर्वोच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त

नई दिल्ली। न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर सर्वोच्च न्यायालय में लगभग सात साल सेवा देने के बाद शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। वह सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश रहे। न्यायमूर्ति चेलमेश्वर के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कोलेजियम में न्यायमूर्ति ए के सीकरी शामिल हो जायेंगे।

कोलेजियम के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ शामिल है। न्यायमूर्ति चेलमेश्वर के बाद प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा दो अक्टूबर के सेवानिवृत्त होंगे। इसके बाद नवंबर में न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और दिसंबर में न्यायमूर्ति लोकूर सेवानिवृत्त होंगे।

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, एम.बी लोकुर और कुरियन जोसेफ के साथ मिलकर चेलमेश्वर ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश बी.एच लोया की रहस्यमय मौत के मामले पर सवाल उठाए थे।

बता दें कि जस्टिस लोया की मौत एक दिसंबर 2014 को हुई थी। उन्होंने कहा था कि ‘जब तक इस संस्थान (सुप्रीम कोर्ट) को संरक्षित नहीं किया जाता और जब तक यह अपना संतुलन नहीं बना सकता है।

जस्टिस चेलमेश्वर शनिवार को 65 वर्ष के हो जाएंगे। वह नौ न्यायाधीशों की उस पीठ का हिस्सा थे जिसने ऐतिहासिक फैसले में निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया था।

आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में 23 जून 1953 को जन्मे चेलमेश्वर तीन मई 2007 को गौहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने थे और बाद में केरल हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुआ। न्यायमूर्ति चेलमेश्वर 10 अक्टूबर 2011 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने थे।

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