कर्नाटक मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कल शाम 4 बजे बहुमत परीक्षण का दिया आदेश

कर्नाटक मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कल शाम 4 बजे बहुमत परीक्षण का दिया आदेश
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नई दिल्ली: कर्नाटक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल यानी शनिवार को शाम 4 बजे बहुमत परीक्षाण का आदेश दिया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बीजेपी कल बहुमत परीक्षण कराने के पक्ष में नहीं थी। भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट कम से कम सोमवार को होना चाहिए। लेकिन कांग्रेस-जेडीएस इसके लिए तैयार नहीं थे।

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जस्टिस सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबडे की तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। बतादें कि कांग्रेस-जेडीएस ने भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी थी।

बता दें कि इससे पहले शीर्ष अदालत ने बुधवार (16 मई) रातभर चली दुर्लभ सुनवाई के बाद येद्दियुरप्पा के कनार्टक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। बुधवार देर रात दो बजकर 11 मिनट से गुरुवार सुबह पांच बजकर 58 मिनट तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए के सीकरी, न्यायमूर्ति एस के बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की एक विशेष पीठ ने कहा, ‘‘न्यायालय बी एस येद्दियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने के संबंध में कोई आदेश नहीं दे रहा है। अगर वह शपथ लेते हैं तो यह प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा।’’ पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार सुबह की तारीख तय की और भाजपा द्वारा कर्नाटक के राज्यपाल को दिये गए विधायकों के समर्थन वाला पत्र पेश करने का आदेश दिया है।

बता दें कि 224 सदस्यीय विधानसभा में 222 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिली थीं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी, कर्नाटक प्रज्ञावंत जनता पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में 1-1 सीट आई थी। बहुमत के लिए 112 सीटों की जरूरत थी जो कि सबसे बड़े दल भाजपा के पास नहीं थी। सदन में भाजपा के पास 104 विधायक हैं जो बहुमत के 112 के आंकड़े से आठ विधायक कम है।

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