कासगंज हिंसा में सच लिखना अखबार को पड़ा भारी, सम्पादक पर मुकद्दमा दर्ज

कासगंज हिंसा में सच लिखना अखबार को पड़ा भारी, सम्पादक पर मुकद्दमा दर्ज
Kasganj: A bus set on fire by a group of people who went on a rampage after the cremation of a young man killed on Friday during the Tiranga bike rally, in Kasganj on Saturday. PTI Photo (PTI1_27_2018_000204B) *** Local Caption ***

अलीगढ | कासगंज हिंसा के दौरान सरकार और भगवाधारियों के खिलाफ लिखना अलीगढ से निकलने वाली मासिक पत्रिका के न्यूज़ पोर्टल www.vyavasthadarpan.com  को भारी पडा है | भाजपाई द्वारा यूपी सरकार के शिकायत पोर्टल पर शिकायत की गयी थी जिसपर शासन के निर्देश पर थाना सिविल लाइन में व्यवस्था दर्पण के सम्पादक और रालोद के नेता जियाउर्रहमान के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया है | जियाउर्रहमान पर व्यवस्था दर्पण न्यूज़ पोर्टल पर भड़काऊ खबरे डालने का आरोप लगाया गया है | भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय ने शिकायत में जियाउर्रहमान पर भ्रामक खबरे चलाने का आरोप लगाया गया कार्यवाही की मांग की गयी | अलीगढ के थाना सिविल लाइन में शासन के निर्देश पर आईटी एक्ट में व्यवस्था दर्पण के संपादक जियाउर्रहमान पर मुकद्दमा दर्ज किया गया है |

व्यवस्था दर्पण के संपादक जियाउर्रहमान ने मुकद्दमे को प्रेस की आजादी पर हमला बताया है और इसे भाजपा सरकार की तानाशाही करार दिया है | उन्होंने कहा है कि जो सच था पोर्टल पर वही दिखाया गया है, एक खबर में त्रुटी थी जिसे तत्काल सही कर दिया गया था | भाजपा नेता षड़यंत्र के तहत आरोप लगा रहे हैं जिससे व्यवस्था दर्पण डरने वाला नहीं है | मुकद्दमे को तानाशाही बताते हुए व्यवस्था दर्पण ने इसे आवाज दबाने का प्रयास कहा है | जियाउर्रहमान ने कहा है कि कासगंज हिंसा में जो सच था वही हमने लिखा है, भाजपाई सच से घबराते हैं | पुलिस जांच में सब साफ़ हो जायेगा | उन्होंने कहा कि सच्चाई सबके सामने रखते आए हैं और आगे भी बेबाकी से रखते रहेंगे | उन्होंने प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया और मानव अधिकार आयोग से भी शिकायत करने की बात कही है |

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