VIDEO: कासगंज- “सीएम योगी ने कहा तिरंगा यात्रा निकालने के लिए इजाजत लेनी चाहिए थी”

VIDEO: कासगंज- “सीएम योगी ने कहा तिरंगा यात्रा निकालने के लिए इजाजत लेनी चाहिए थी”

कासगंज हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की बहन और मौसी मंगलवार को सीएम योगी से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचीं थी जहां दोनों की मुलाकात सीएम से एनेक्सी में  हुई।  मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में चंदन की बहन ने बताया कि सीएम ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। जबकि चंदन को शहीद का दर्जा देने की मांग पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

पत्रिका वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में चंदन की बहन और मौसी ने वेबसाइट को बताया की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कहा तिरंगा यात्रा निकालने के लिए इजाजत लेनी चाहिए थी। इसके अतिरिक्त सीएम ने पीड़ित परिवार के सवाल का कोई उचित जवाब नहीं दिया।

कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान सांप्रदायिक संघर्ष में गोली लगने से मौत के शिकार हुए चंदन गुप्ता की बहन और मौसी को इंसाफ मांगने पर तल्ख नसीहत मिली। मरहम की आस में मुख्यमंत्री निवास पहुंची  ऐसे में मुख्यमंत्री निवास से बिलखते हुए बाहर निकली बहन कीर्ति गुप्ता और मौसी प्रीति के साथ कुछ पल संवाद हुआ तो दर्द बाहर उमड़ पड़ा।

उन्होंने बताया हम अपनी बात सीएम योगी से कहने पहुंचे थें, लेकिन उन्होंने हमारी नहीं सुनी। बल्कि सिर्फ अपनी बाते सुनाई। हमें लगा था कि वह हमारे प्रति संवेदना रखते हैं। लेकिन ऐसा महसूस नहीं हुआ।  कुछ लोगों को लगा चंदन देश के लिए अच्छा काम करता जा रहा है। हिंदू संगठन को आगे बढ़ा रहा है। इस लिए चंदन को ही खत्म कर दिया। निराशाजन है कि सीएम योगी ने मुलाकात के दौरान कहा, तिंरगा यात्रा निकालने के लिए परमिशन लेनी चाहिए थी। लेकिन हमें बस इंसाफ चाहिए।  हमारी नज़र में तिरंगा यात्रा निकालना अपराध नहीं है। सरकार की नज़र में क्या है हमें नहीं पता है। चंदन ने देश के लिए जान दी है। वह वीरगति को प्राप्त हुआ है, उसे शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया, जो कि आहत करने वाला है।

बता दें कि कासगंज में हिंसा के दौरान युवक अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की मौत के बाद से ही उनका परिवार यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कासगंज बुलाने की मांग कर रहा था।

उनकी मांग ये भी है कि चंदन को शहीद का दर्जा दिया जाए। इसके अलावा परिजन चंदन के नाम से कासगंज में चंदन चौक और उसका शहीदों जैसा सम्मान भी चाहते हैं।

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