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कासगंज दंगे साबित करते हैं कि 2019 चुनाव की रणनीति है- आज़म खान

लखनऊ। सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान ने कासगंज में हुई साम्प्रदायिक हिंसा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मुल्क में दंगे कराने की रणनीति तैयार की गई है, ताकि आम जनता की समस्याएं चुनावी मुद्दा ना बन सकें।

खान ने रामपुर में संवाददाताओं से कहा कि कासगंज की घटना से यह साबित हो गया है कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए दंगे कराने की ही रणनीति बनाई गई है। जितने ज्यादा दंगे होंगे, जितना माहौल खराब होगा, आपस में जितनी नफरत फैलाई जाएगी उतना ही लोग बुनियादी मुद्दों से हटेंगे।

उन्होंने कहा कि देश के सामने नौजवानों को रोजगार दिलाने, जीएसटी का प्रकोप कम करने, नोटबंदी की लानत से निजात दिलाने, किसानों को अपनी फसल का दाम दिलाने, बिजली, पानी और खाद सस्ती करने जैसे बड़े सवाल खड़े हैं।

मगर, इन सारे सवालों को हटाने का सिर्फ यही तरीका है कि नफरत के एजेंडे को लागू कर दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कासगंज के मुसलमानों के बाद भाजपा का एक बड़ा मंसूबा है, हमारे मैसेकर (कत्लेआम) का, लेकिन मेरा दुख ये है कि नुकसान दोनों का होगा। कभी ताली एक हाथ से नहीं बजती, दंगा करने वाले अपने समाज के साथ भी दुश्मनी कर रहे हैं। फोर्से भी उनका साथ देंगी जैसे इस वक्त दिया, लेकिन कमजोर भी कभी कभी उपर आता है।

आज़म ने कहा कि हर मुसलमान को पाकिस्तानी और देशद्रोही ठहराया जा रहा है। पाकिस्तान के मुसलमानों को ही पाकिस्तान से कोई फायदा नहीं मिल रहा है तो हिंदुस्तानी मुसलमानों को पता नहीं क्या मिल रहा है। मुसलमानों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है।

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