Tuesday , December 12 2017

PM मोदी के गढ़ बनारस में बीजेपी की करारी हार, ABVP को नहीं मिली एक भी सीट

वाराणसी : उत्तर प्रदेश में भले ही बीजेपी ने सत्ता हासिल की हो लेकिन काशी विद्यापीठ में हुए छात्र संघ के चुनावों में एबीवीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। वाराणसी के काशी विद्यापीठ में एबीवीपी का ये अब तक का शर्मनाक हार है। नगर निगम के चुनावों से पहले काशी विद्यापीठ में मिली करारी शिकस्त से बीजेपी को जोरदार झटका लगा है। इन चुनावों में अध्यक्ष पद पर सपा से छात्र संघ से बागी हुए नेता राहुल दुबे ने 2,365 वोटों के साथ जीत हासिल की।

काशी विद्यापीठ से पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय में भी एबीवीपी को हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद ऐसा लगता है कि छात्रों में एबीवीपी का प्रभाव कम होता जा रहा है।

इस बार चुनाव में करीब 58.02 फीसदी मतदान हुए है। 8000 छात्रों में करीब 4700 की वोटिंग हुई है। चुनाव के परिणाम भी अलग देखने को मिले। एक तरफ जहां एबी‍वीपी के पूरे पैनल को हार का मुंह देखना पड़ा वहीं बागी चुनाव परिणाम पर छाए रहे।

इस साल मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है। इस बार 58.02 फीसदी मतदान हुआ जबकि पिछली बार 60 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था।

राहुल ने एबीवीपी के वाल्किमी उपाध्याय को बहुत ही कम वोटों के मार्जिन से हराया है। उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाले रोशन कुमार ने समाजवादी और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की। वहीं महामंत्री पद पर अनिल यादव ने जीत हासिल की जिन्होंने सपा छात्र संघ से किनारा करते हुए निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था। इनके अलावा चौथी सीट सपा-भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के साझा उम्मीदवार रवि प्रताप सिंह ने जीती।

हालांकि एबीवीपी वोटों में काफी पास रही लेकिन किसी को भी एक सीट हासिल नहीं हो पाई। इन चुनावों में मिली करारी हार के बाद लगता है कि बीजेपी का मनोबल टूट सकता है

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